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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - (ख़ुदा की मर्ज़ी पे सर झुकाना) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) फ़रमाते हैंः মুমীনন ক বরন: जब बंदा ला हौला वला क़ूवता इल्ला बिल्लाह (दिल से समझ कर) कहता है तो ख़ुदा फ़रिश्तों से कहता है की मेरे बन्दे ने मेरी इताअत के लिए सर झुका दिया (यानी मेरी क़ूवत और लिए फ़ैसले को मान लिया) इस अब इसकी हाजतों को पूरा करो.. (ख़ुदा की मर्ज़ी पे सर झुकाना) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) फ़रमाते हैंः মুমীনন ক বরন: जब बंदा ला हौला वला क़ूवता इल्ला बिल्लाह (दिल से समझ कर) कहता है तो ख़ुदा फ़रिश्तों से कहता है की मेरे बन्दे ने मेरी इताअत के लिए सर झुका दिया (यानी मेरी क़ूवत और लिए फ़ैसले को मान लिया) इस अब इसकी हाजतों को पूरा करो.. - ShareChat