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🙏🙏🛐ॐ श्री परमात्मने नमः🛐🙏🙏 🙏कर्म का सिद्धांत पुस्तक से 🙏 #भाग०४ क्रियमाण कर्म 🏹🎻🪔📝🦚🔥🦚📝🪔🎻🏹 *आदमी सुबह जागे तब से रात्रि को सो जाए तब तक वह जो कर्म करें , वह क्रियमाण कर्म कहलाते हैं।* *सुबह से शाम तक सोमवार से रविवार तक, जन्म से मृत्यु तक आदमी जो जो कर्म करता है वह सब क्रियमाण कर्म कहलाते हैं* *ऐसे जो जो क्रियमाण कर्म करें, वह अवश्य फल देने पर ही शांत होते हैं , फल बिना दिए वे शांत नहीं होते ।* *क्रियमाण कर्म को फल देना आवश्यक है, उससे उसका छुटकारा नहीं है , फल भुगतने पड़ते हैं, (इसके बाद ही उसका छुटकारा होता है)* *उदाहरण के लिए--- आपको प्यास लगी आपने पानी पी लिया, पानी पीने का कर्म किया प्यास बुझ गई, कर्म फल देकर शांत हो गया। आपने खाना खाया, खाने का कर्म किया , भूख मिट गई, कर्म फल देकर शांत हो गया। आपने स्नान किया, स्नान करने का कर्म किया, शरीर शुद्ध हो गया, कर्म का फल मिल गया, कर्म फल देकर शांत हो गया ।आपने किसी को गाली दी उसने आपको चपत मारा, कर्म का फल मिल गया कर्म फल देकर शांत हो गया।* *इस तरह तमाम क्रियमाण कर्म फल देते हैं और उनके फल को भुगतने से वे शांत होते हैं।* क्रमश 🙏🙏 #कर्म #कर्म ही पूजा है #श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक ॐ #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏💐श्रीमद्भागवत गीता💐🙏 bhagwat geeta
कर्म - प्रातः वंदन ११ जून २६ ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय  নঞঃ श्री लक्ष्मी नारायण जी की कृपा आपऔरआपकेपरिवरपरसदाबनीरहे r r sil od 0rنg प्रातः वंदन ११ जून २६ ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय  নঞঃ श्री लक्ष्मी नारायण जी की कृपा आपऔरआपकेपरिवरपरसदाबनीरहे r r sil od 0rنg - ShareChat