ShareChat
click to see wallet page
search
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026 बुधवार हास्य व्यंग अनपढ़ अधूरे नहीं होते कभी पढ़े लिखे होते पूरे नहीं इसे कहते हैं स्वतंत्र भारत में गुलामी रेखा जिसको हमने हर जगह देखा! Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026 बुधवार हास्य व्यंग अनपढ़ अधूरे नहीं होते कभी पढ़े लिखे होते पूरे नहीं इसे कहते हैं स्वतंत्र भारत में गुलामी रेखा जिसको हमने हर जगह देखा! Status (Contacts) + # - ShareChat