2122 2122
दिल का कुछ उपचार कर ले
चल जरा सा प्यार कर ले
तरसूँ कब तक प्यार को मैं
प्यार का इजहार कर ले
हर कदम है अंधेरा ही
आँखे अब दो चार कर ले
हर्फ यादों में लिखे जो
पढ़ के तू अशआर कर ले
आरजू है बस यही अब
सपने तू साकार कर ले
गम लगा लूँगा गले से
मुझे तू स्वीकार कर ले
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
10/10/2017 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️


