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- Parmod Jainएक अमेरिकी महिला का वायरल वीडियो इन दिनों दवाओं की कीमतों को लेकर बड़ी बहस छेड़ रहा है, जिसमें उसने कथित तौर पर कहा - "हमसे बहुत ज्यादा पैसे लिए जा रहे हैं।" महिला का दावा था कि अमेरिका में करीब ₹85,000 कीमत वाली कैंसर की एक दवा का जेनेरिक विकल्प भारत में लगभग ₹35 में उपलब्ध है, हालांकि ऐसी कीमतों की सीधी तुलना करते समय कई महत्वपूर्ण बातों को समझना जरूरी है। किसी दवा की कीमत ब्रांड, जेनेरिक संस्करण, पेटेंट, बीमा व्यवस्था, टैक्स, सरकारी नियम और उत्पादन लागत जैसे कई कारणों से अलग-अलग देशों में काफी बदल सकती है। इसलिए वायरल वीडियो में बताई गई दोनों कीमतें आवश्यक रूप से बिल्कुल समान उत्पाद की तुलना हों, यह मान लेना उचित नहीं होगा। फिर भी इस वीडियो ने एक महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर ध्यान खींचा है। भारत दुनिया में किफायती जेनेरिक दवाओं के प्रमुख उत्पादकों में शामिल है और कई देशों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराता है। #अमेरिका1013
- ___________________mikku___#अमेरिका #America1815
- Naman News#अमेरिका #अमेरिका-ईरान #ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी #ईरान और अमेरिका के बीच फिर बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने के समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने औपचारिक तौर पर डिजिटल हस्ताक्षर कर दिया है। अब शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बीच मुलाकात होने की संभावना है। ईरान की तरफ से मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ इसमें शामिल होंगे जबकि अमेरिका का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। यानि 39 दिनों के बाद अमेरिका ईरान की ज्यादातर शर्तों को मानने के लिए मजबूर हुआ है। ईरान युद्ध ने सुपरपावर अमेरिका की युद्ध लड़ने की क्षमता की पोल खोल दी है। सवाल ये हैं कि अगर ईरान सिर्फ 39 दिनों में नाक में दम कर सकता है तो चीन और रूस जैसे देश उसका क्या हाल करेंगे। चीन और रूस के पास तो अमेरिका में घुसकर मारने की क्षमता भी है और एडवांस से एडवांस हथियार भी हैं। इसीलिए 39 दिनों के इस युद्ध ने बहुत कुछ उजागर कर दिया है। अमेरिका के आधुनिक हथियार बेहद असरदार तो हैं लेकिन हथियारों के बड़े भंडार और तेजी से उनकी भरपाई के बिना लंबे युद्ध में उन्हें बनाए रखना मुश्किल है। इस लड़ाई से साफ हो गया है कि क्वालिटी तो जरूरी है ही साथ ही क्वांटिटी भी चाहिए।1216
- sunil behl#अमेरिका102115
- मुझे शेयरचैट पर फॉलो करें#BreakingNews : अमेरिका ने युद्ध खत्म करने की तारीख का किया एलान, 9 अप्रैल की तारीख तय की. #अमेरिका1314