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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - !!अब किससे बात करू! ! पत्नी शादी के बाद हमेशा शिकायत करती थी कि तुम मुझे समय नहीं देते। पति हँसकर लिए। हूँ तुम्हारे  कहता था पगली काम करता पर सच ये था कि उसने कभी महसूस ही नहीं किया कि रिश्ते पैसों से नहीं प्यार से चलते हैं।वो रोते रोते सो जाती और वह फोन में दिन सुबह नाश्ते की खुशबू लगा रहता एक नहीं आई आवाज नहीं आई तो उसने देखा वो चुपचाप पड़ी है। हाथ ठंडे आँखें बंद डॉक्टर ने कहा बहुत तनाव था दिल रुक गया वो वहीं ट्रूट गया और उसके कानों में उसकी आखिरी लाइन गूंजती रही सुनो जी थोड़ी देर बैठ जाओ बात करनी है। अब वो हर रात रोता है और कहता है काश एक दिन पहले समझ जाता। Rகிfு !!अब किससे बात करू! ! पत्नी शादी के बाद हमेशा शिकायत करती थी कि तुम मुझे समय नहीं देते। पति हँसकर लिए। हूँ तुम्हारे  कहता था पगली काम करता पर सच ये था कि उसने कभी महसूस ही नहीं किया कि रिश्ते पैसों से नहीं प्यार से चलते हैं।वो रोते रोते सो जाती और वह फोन में दिन सुबह नाश्ते की खुशबू लगा रहता एक नहीं आई आवाज नहीं आई तो उसने देखा वो चुपचाप पड़ी है। हाथ ठंडे आँखें बंद डॉक्टर ने कहा बहुत तनाव था दिल रुक गया वो वहीं ट्रूट गया और उसके कानों में उसकी आखिरी लाइन गूंजती रही सुनो जी थोड़ी देर बैठ जाओ बात करनी है। अब वो हर रात रोता है और कहता है काश एक दिन पहले समझ जाता। Rகிfு - ShareChat