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#राम #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏 जय हनुमान
राम - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः मन क्रम बचन अगोचर जोई। दसरथ अजिर बिचर प्रभु सोई। । भोजन करत बोल जब राजा। नहिं आवत तजि बाल समाजा। | २०२/३, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -जो मन, कर्म और वचन से अगोचर है, वही प्रभु दशरथ जी के आंगन में विचर रहे हैं। भोजन करने के समय राजा हैं,तो वे अपने ব্রুলান सखाओं के समाज को छोड़कर नहीं आते। बाल ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः मन क्रम बचन अगोचर जोई। दसरथ अजिर बिचर प्रभु सोई। । भोजन करत बोल जब राजा। नहिं आवत तजि बाल समाजा। | २०२/३, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -जो मन, कर्म और वचन से अगोचर है, वही प्रभु दशरथ जी के आंगन में विचर रहे हैं। भोजन करने के समय राजा हैं,तो वे अपने ব্রুলান सखाओं के समाज को छोड़कर नहीं आते। बाल - ShareChat