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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - सुप्रभात !!बाप और बेटा !! "पिता " अपनी पूरी " जिंदगी " बेटे की " खुशियों " और " भविष्य " के लिए जीता है, वो अपनी " इच्छाएं" भूलकर भी बेटे की " जरूरतें " पूरी करता है, बेटे के लिए सबसे बड़ी "विरासत " পিনা কী "অসীন" যা "ব্রীলন" नहीं, बल्कि पिता का नाम , पिता की इज्जत, पिता के संस्कार होते हैं यदि बेटा इन्हें संभाल ले, Good m ಸ1u6 mornng पिता के जीवन की सबसे बड़ी " उपलब्धि" होती है 100 0 day 0 t@1e C Ittce सुप्रभात !!बाप और बेटा !! "पिता " अपनी पूरी " जिंदगी " बेटे की " खुशियों " और " भविष्य " के लिए जीता है, वो अपनी " इच्छाएं" भूलकर भी बेटे की " जरूरतें " पूरी करता है, बेटे के लिए सबसे बड़ी "विरासत " পিনা কী "অসীন" যা "ব্রীলন" नहीं, बल्कि पिता का नाम , पिता की इज्जत, पिता के संस्कार होते हैं यदि बेटा इन्हें संभाल ले, Good m ಸ1u6 mornng पिता के जीवन की सबसे बड़ी " उपलब्धि" होती है 100 0 day 0 t@1e C Ittce - ShareChat