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#यह बिनती रहुबीर गुसाईं
यह बिनती रहुबीर गुसाईं - यह बिनती रहुबीर गुसाईं। और आस बिस्वास भरोसो , हरौ जीव जड़ताई II१ II चहौं न सुगति, संपति कछु रिधि सिधि सुमति- बिपुल  बड़ाई। हेतु रहित अनुराग रामपद , बढ अनुदिन अधिकाई II ?/| कुटिल करम लै जाइ मोहि, जहँ-जहँ अपनी ayii तहँ-्तहँ जनि छिन छोह छाँडिये, कमठ अण्डकी नाई।।३| यहि जगमें , जहँ लगि या तनुकी श्रीति प्रतीति सगाई। ते सब तुलसिदास प्रभु ही सों , होहिं सिमिति इक ಕತIl8 Il यह बिनती रहुबीर गुसाईं। और आस बिस्वास भरोसो , हरौ जीव जड़ताई II१ II चहौं न सुगति, संपति कछु रिधि सिधि सुमति- बिपुल  बड़ाई। हेतु रहित अनुराग रामपद , बढ अनुदिन अधिकाई II ?/| कुटिल करम लै जाइ मोहि, जहँ-जहँ अपनी ayii तहँ-्तहँ जनि छिन छोह छाँडिये, कमठ अण्डकी नाई।।३| यहि जगमें , जहँ लगि या तनुकी श्रीति प्रतीति सगाई। ते सब तुलसिदास प्रभु ही सों , होहिं सिमिति इक ಕತIl8 Il - ShareChat