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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - सुनील जैन सुबह निकल पड़ा था हर मजदूर दिहाड़ी पर. किसी के कंधे पे गमछा था. रोजगार तो किसी के कंधे पर लैपटॉप. எக moj 000 गमछे वाला और LAPTOP वाले का ६ बजे तक घर आ गया, रात तक भी पता नही officetime  सुनील जैन सुबह निकल पड़ा था हर मजदूर दिहाड़ी पर. किसी के कंधे पे गमछा था. रोजगार तो किसी के कंधे पर लैपटॉप. எக moj 000 गमछे वाला और LAPTOP वाले का ६ बजे तक घर आ गया, रात तक भी पता नही officetime - ShareChat