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#points to ponder #सोचने वाली बात #*let us understand our religion #islam guide us in every field of life #*આપણે વિચારીશું ખરા?*
points to ponder - ೨ भेजा, గౌ बनाकर) (काज़ी यमन आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूछाः "तुम फैसला कैसे करोगे?" उन्होंने कहाः "मैं अल्लाह की किताब (क़ुरआन ) के मुताबिक़ फैसला करूँगा [ "*आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूछाः *" अगर वह अल्लाह की किताब में न मिले तो?"  कहाः "तो अल्लाह के उन्होंने रसूल की सुन्नत (तरीक़े।हदीस) के मुताबिक़ करूँगा | " आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूछाः "और अगर सुन्नत में भी न मिले तो?" उन्होंने कहाः "तो मैं अपनी अक्ल और समझ से सही फैसले तक पहुँचने की पूरी कोशिश (राय) करूँगा । " इस पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमायाः *"तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने अपने रसूल के ೨ भेजा, గౌ बनाकर) (काज़ी यमन आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूछाः "तुम फैसला कैसे करोगे?" उन्होंने कहाः "मैं अल्लाह की किताब (क़ुरआन ) के मुताबिक़ फैसला करूँगा [ "*आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूछाः *" अगर वह अल्लाह की किताब में न मिले तो?"  कहाः "तो अल्लाह के उन्होंने रसूल की सुन्नत (तरीक़े।हदीस) के मुताबिक़ करूँगा | " आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूछाः "और अगर सुन्नत में भी न मिले तो?" उन्होंने कहाः "तो मैं अपनी अक्ल और समझ से सही फैसले तक पहुँचने की पूरी कोशिश (राय) करूँगा । " इस पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमायाः *"तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने अपने रसूल के - ShareChat