प्रख्यात विदुषी, समाजसुधारक' भारतीय महिलाओं के उत्थान की प्रबल समर्थक
पंडिता रमाबाई
(23 अप्रैल 1858-5 अप्रैल 1922) जयंती पर सादर नमन
महज़ 12 वर्ष की उम्र में ही 20 हज़ार श्लोक कंठस्थ कर लिए थे
20 वर्ष की उम्र में ही संस्कृत के ज्ञान के लिए 'सरस्वती' और 'पंडिता' की उपाधियाँ मिलीं
1881 में 'आर्य महिला सभा' की स्थापना की
विधवाओं के लिए 'शारदा सदन' और 'कृपा सदन' नामक महिला आश्रम की स्थापना की ।। 🙏🙏
#पंडिता रमाबाई



