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#👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍
👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः " "श्री कोई जमाना था जब अपनी खोटें - सर्वसाधारण के सम्मुख प्रकट करदेने से उस व्यक्ति को सच्चाई , निष्कपटता भोलेपन और सुधार पश्चाताप की छाया में श्रेष्ठ ही दिया जाता था और घृणा का भाव त्यागकर उसे क्षमा कर दिया जाता थापर अब वैसी स्थिति बिल्कुल भी नहीं रही। भेद की बातें पूछकर लोग मसखरी उडाते और उस गंदगी को चारों ओर बखेर कर सच बताने वाले की इज्चत की धच्चियां उड़ाकर उसे मर-् मरकर जीने के लिए विवश करदेते हैं। इस परतुलसीदास जी का एक दोहा रह - रहकर याद आता है- sQr| तुलसी पर घर जायके दुख न कहिए रोय। भरम गॅँवा वै आपनों बाँट सके न कोय। । बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः " "श्री कोई जमाना था जब अपनी खोटें - सर्वसाधारण के सम्मुख प्रकट करदेने से उस व्यक्ति को सच्चाई , निष्कपटता भोलेपन और सुधार पश्चाताप की छाया में श्रेष्ठ ही दिया जाता था और घृणा का भाव त्यागकर उसे क्षमा कर दिया जाता थापर अब वैसी स्थिति बिल्कुल भी नहीं रही। भेद की बातें पूछकर लोग मसखरी उडाते और उस गंदगी को चारों ओर बखेर कर सच बताने वाले की इज्चत की धच्चियां उड़ाकर उसे मर-् मरकर जीने के लिए विवश करदेते हैं। इस परतुलसीदास जी का एक दोहा रह - रहकर याद आता है- sQr| तुलसी पर घर जायके दुख न कहिए रोय। भरम गॅँवा वै आपनों बाँट सके न कोय। । बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat