Pt Vinod Pandey 🚩
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🌺 मासिक दुर्गाष्टमी व मंगलवार संयोग: हनुमत-शिव-दुर्गा आराधना 🔱
आज मंगलवार, अष्टमी और गुप्त नवरात्रि के अष्टम दिवस का महासंयोग समस्त संकटों के नाश और आत्मबल संवर्धन के लिए सर्वश्रेष्ठ है:
माँ दुर्गा की शरण: मासिक दुर्गाष्टमी के अवसर पर आद्याशक्ति माँ दुर्गा की विधिवत आराधना व दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट और असाध्य बाधाएं दूर होती हैं। गुप्त नवरात्रि की अष्टमी होने से आज जगदम्बा को नारियल का भोग अवश्य लगाना चाहिए, जिससे घर में अखंड सुख-समृद्धि आती है।
हनुमान जी की प्रसन्नता: आज मंगलवार को संकटमोचन हनुमान जी को लाल गुलाब के पुष्प अर्पित कर हनुमान चालीसा का पाठ करने से मारुति नंदन अति प्रसन्न होते हैं और साहस व निर्भयता प्रदान करते हैं।
व्याधि नाशक शिव-विष्णु पूजन: 'जया' व 'व्याधि नाशक' संज्ञक अष्टमी तिथि के स्वामी स्वयं भगवान भोलेनाथ हैं। आज शिवलिंग पर कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र व पंचामृत अर्पित करने से असाध्य रोगों का शमन होता है। चूंकि अष्टमी को बहुधा विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है, अतः आज शिव और नारायण का संयुक्त पूजन तत्काल फलदायी सिद्ध होता है।
📜 चातुर्मास्य व्रत महिमा व नियम (25 जुलाई से आरम्भ) 📿
आगामी 25 जुलाई 2026, शनिवार (देवशयनी एकादशी) से पावन चातुर्मास का आरम्भ हो रहा है। पद्म पुराण व स्कंद पुराण के अनुसार इसके मुख्य नियम व त्याग इस प्रकार हैं:
अश्वमेघ यज्ञ फल: चातुर्मास में भक्तिपूर्वक नियम धारण करने से 1000 अश्वमेघ यज्ञों के समान पुण्य मिलता है। इन चार महीनों में ब्रह्मचर्य का पालन, पत्तल पर भोजन, मौन, जप-ध्यान और दान-पुण्य विशेष फलदायी होते हैं।
त्याग व उसके अक्षय फल:
गुड़ का त्याग: कंठ में मधुरता की प्राप्ति कराता है।
ताम्बूल (पान) का त्याग: सुरीला कंठ व सर्व भोग-सामग्री प्रदान करता है।
दही का त्याग: गोलोक की प्राप्ति कराता है।
नमक का त्याग: समस्त पूर्तकर्मों (धर्म व परोपकार) को सिद्ध करता है।
वस्त्र व शयन नियम: चातुर्मास में काले, नीले, लाल (कुसुम्भ) वस्त्रों तथा केसर का त्याग करें (नीले वस्त्र देखने का दोष सूर्य दर्शन से मिटता है)। इन चार महीनों में भूमि (जमीन) पर शयन करने वाला जातक धन-धान्य से परिपूर्ण होता है।
खाद्य वर्जनाएं: चातुर्मास में शहद का सेवन महापाप माना गया है। इसके अलावा अनार, नींबू, नारियल, मिर्च, उड़द और चने का त्याग करें।
परनिंदा का त्याग (महापाप वर्जना):
"परनिंदा महापापं परनिंदा महाभयं। परनिंदा महद् दुःखं न तस्याः पातकं परम्॥"
चातुर्मास में दूसरे की निंदा करना और सुनना महापाप है; इससे सर्वथा दूर रहना चाहिए।
⚠️ विशेष सावधानियां और कड़े शास्त्रोक्त निषेध 🚫
बुद्धि नाशक नारियल वर्जना: आज अष्टमी तिथि होने के कारण भोजन में नारियल के फल का भक्षण सर्वथा त्याज्य (वर्जित) है। ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खण्ड: 27.29,34) के अनुसार, आज नारियल खाने से मनुष्य की बुद्धि का नाश होता है (पूजा में माता को अर्पित कर सकते हैं, स्वयं भक्षण न करें)। 🚫
राहुकाल व दिशाशूल: आज शाम 04:04 से सायं 05:43 तक राहुकाल रहेगा, जिसमें शुभ संकल्प टालें। आज उत्तर दिशा में दिशाशूल प्रभावी है, अतः इस दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। 🚩
🙏 आज का मंगल आशीर्वाद:
"गोवर्धन धरं वन्दे गोपालं गोप रुपिणिम्।
नारायण नारायण! जय माँ दुर्गा! जय हनुमान जी! हर हर महादेव!"
मासिक दुर्गाष्टमी, गुप्त नवरात्रि, द्विपुष्कर योग और मंगलवार के इस पावन महासंयोग पर साक्षात भगवती दुर्गा, संकटमोचन हनुमान, देवों के देव महादेव और भगवान नारायण की संयुक्त असीम अनुकंपा आपके जीवन से समस्त व्याधियों, शत्रुओं और भयों का समूल नाश करे; आपको दुगने पुण्य, तीक्ष्ण बुद्धि और अखंड ऐश्वर्य का वरदान प्राप्त हो। सिलवासा कार्यालय में आज की आपकी जन-कल्याण परामर्श यात्रा पूर्णतः मंगलमयी, लोक-हितकारी और सिद्धिप्रद सिद्ध हो, जी! 🚩
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।।। नारायण नारायण ।।। जय श्रीराम ।।। हर हर महादेव ।।।
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