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#✒ शायरी #दिल💖के अल्फ़ाज़✍️ #💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R #🤗 प्यार का इज़हार #✍️ साहित्य एवं शायरी
✒ शायरी - तेरी इबादत मे झुका दिया है हमने सर क़ो अपना ले या छोड़ दे तू चाहे मुझको अब प्यार की खातिर हमने हर गलती को मान लिया जहाँ गलती नहीं थी वहां भी सिर क़ो हिला दिया मेरी हर दुआ मे तुझे शामिल किया है हमने फिर भी मुझे क्यू बर्बाद कर दिया  तुमने... तेरे दर पर आये है आज हम मनाने तुझको जोड़कर खड़े है अब और कया करें हाथ इतना भी मत के कोई लाचार बने झुकावो किसी क़ो इतना भी ना तोड़ो के बिखर जाए खुदा के दरबार मे हर चीज का हिसाब होगा बस अपने अच्छे कर्म का ही हमें फल मिलेगा... तेरी इबादत मे झुका दिया है हमने सर क़ो अपना ले या छोड़ दे तू चाहे मुझको अब प्यार की खातिर हमने हर गलती को मान लिया जहाँ गलती नहीं थी वहां भी सिर क़ो हिला दिया मेरी हर दुआ मे तुझे शामिल किया है हमने फिर भी मुझे क्यू बर्बाद कर दिया  तुमने... तेरे दर पर आये है आज हम मनाने तुझको जोड़कर खड़े है अब और कया करें हाथ इतना भी मत के कोई लाचार बने झुकावो किसी क़ो इतना भी ना तोड़ो के बिखर जाए खुदा के दरबार मे हर चीज का हिसाब होगा बस अपने अच्छे कर्म का ही हमें फल मिलेगा... - ShareChat