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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 5.5.2026 मंगलवार हास्य व्यंग लिखने से जो नाराज होते बोलने से जो भड़क जाते फिर तुम उनकी सुनना बंद कर दो फिर तो वह खुद ही फट जाएंगे तुम्हें बताने नहीं आएंगे ! Status (Contacts) + # Aa 5.5.2026 मंगलवार हास्य व्यंग लिखने से जो नाराज होते बोलने से जो भड़क जाते फिर तुम उनकी सुनना बंद कर दो फिर तो वह खुद ही फट जाएंगे तुम्हें बताने नहीं आएंगे ! Status (Contacts) + # - ShareChat