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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - अपनी ताकत पर ना जाने इतना क्यों इतराते हैं लोग. दरवाज़े तो उनके भी टूटते हैं जो ताले बनाते हैं अपनी ताकत पर ना जाने इतना क्यों इतराते हैं लोग. दरवाज़े तो उनके भी टूटते हैं जो ताले बनाते हैं - ShareChat