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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - अस्तित्व की पुकार सफर की धड़कनें जब, मौन बनकर ठहर जाती हैं , परिस्थितियां कुछ ऐसी , रूह को झकझोर जाती हैं। अकेलेपन के इस भंवर में, जब कोई साहिल न दिखे, स्वयं के होने का प्रमाण , जैसे कहीं खो सा जाए। के कारवां में, जब वो भी दूर लगता है, दुआओं हृदय का हर स्पंदन , केवल सवाल बनकर डसता है। भटकती उन निगाहों को, कोई अपना नजर नहीं आता, तनाव की उस तपन में, मन कहीं ठहर नहीं पाता। मगर याद रखना , धड़कन में वो आदि-अनंत है, अभाव की इस धुंध में , वही तो एकमात्र वसंत है। वो जो नीलकंठ है, वो हर कसौटी में संग खड़ा है, भरोसा कर उस पर, वो हर मरुस्थल में खड़ा है। निराशा की जंजीरें , उसी की कृपा से टूटती हैं, पत्थरों से टकराकर ही, नई धाराएं फूटती हैं। अस्तित्व का ये रण, उसी की अनुकम्पा से जीतोगे , तुम अकेले नहीं हो, ये सत्य हर क्षण में देखोगे। अस्तित्व की पुकार सफर की धड़कनें जब, मौन बनकर ठहर जाती हैं , परिस्थितियां कुछ ऐसी , रूह को झकझोर जाती हैं। अकेलेपन के इस भंवर में, जब कोई साहिल न दिखे, स्वयं के होने का प्रमाण , जैसे कहीं खो सा जाए। के कारवां में, जब वो भी दूर लगता है, दुआओं हृदय का हर स्पंदन , केवल सवाल बनकर डसता है। भटकती उन निगाहों को, कोई अपना नजर नहीं आता, तनाव की उस तपन में, मन कहीं ठहर नहीं पाता। मगर याद रखना , धड़कन में वो आदि-अनंत है, अभाव की इस धुंध में , वही तो एकमात्र वसंत है। वो जो नीलकंठ है, वो हर कसौटी में संग खड़ा है, भरोसा कर उस पर, वो हर मरुस्थल में खड़ा है। निराशा की जंजीरें , उसी की कृपा से टूटती हैं, पत्थरों से टकराकर ही, नई धाराएं फूटती हैं। अस्तित्व का ये रण, उसी की अनुकम्पा से जीतोगे , तुम अकेले नहीं हो, ये सत्य हर क्षण में देखोगे। - ShareChat