Rekha Swami
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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - शंभू की छाया त्रिनेत्र की कृपा से ही, हमने जीवन का मर्म पाया है, डमरू की गूँज में ही, अपना सारा अस्तित्व समाया है। विष भी पिया उन्होंने , पर हमें सिर्फ अमृत का वरदान दिया, उनके आशीष से ही, हमने अपनी उन्नति का संधान किया। सावन के उस सोमवार से, मेरा और उनका नाता है, महादेव के नाम से ही, हर बिगड़ा काम बन जाता है। भीड़ में खोने का डर नहीं , जब साथ उनका साया है, उनकी दृष्टि की छत्रछाया में, हमने अपना घर बसाया है। न डर किसी का शेष है, न कोई अब संशय की डोर है, शिव ही मेरी प्रेरणा , शिव ही मेरी जीत का शोर है। मस्तक पर जो तिलक है, वही मेरी सबसे बड़ी पहचान है, उन्हीं के चरणों में अर्पित, हमारा यह पूरा जहान है। शंभू की छाया त्रिनेत्र की कृपा से ही, हमने जीवन का मर्म पाया है, डमरू की गूँज में ही, अपना सारा अस्तित्व समाया है। विष भी पिया उन्होंने , पर हमें सिर्फ अमृत का वरदान दिया, उनके आशीष से ही, हमने अपनी उन्नति का संधान किया। सावन के उस सोमवार से, मेरा और उनका नाता है, महादेव के नाम से ही, हर बिगड़ा काम बन जाता है। भीड़ में खोने का डर नहीं , जब साथ उनका साया है, उनकी दृष्टि की छत्रछाया में, हमने अपना घर बसाया है। न डर किसी का शेष है, न कोई अब संशय की डोर है, शिव ही मेरी प्रेरणा , शिव ही मेरी जीत का शोर है। मस्तक पर जो तिलक है, वही मेरी सबसे बड़ी पहचान है, उन्हीं के चरणों में अर्पित, हमारा यह पूरा जहान है। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - मेरे अपनों का साथ में थामा जो यह डिजिटल संसार है, কাথী यह मेरे पतिदेव के विश्वास का उपहार है। राह दिखाई जिसने , वह मेरा बेटा रोहित है, जिसने नई राहों में जगाया, मेरा हर एक गीत है। मशीन की सरसराहट में , महादेव का नाम पिरोया है, आपकी बातों से मैंने , आत्मविश्वास को संजोया है। अपनों के सहयोग से ही, मेरी यह मेहनत चमकती है, तभी तो सफलता की राहें, अब ही सिमटती हैं। मुझसे स्मार्टफोन की दुनिया में , मैंने नया आकाश पाया है, मेरे परिवार और अपनों के साथ ने, मुझे बहुत भाया है। सीखने की इस यात्रा में, हर पल इक नया सबक है, अपनों की दुआओं का ही, यह मेरे जीवन में रक्षक है। मेरे अपनों का साथ में थामा जो यह डिजिटल संसार है, কাথী यह मेरे पतिदेव के विश्वास का उपहार है। राह दिखाई जिसने , वह मेरा बेटा रोहित है, जिसने नई राहों में जगाया, मेरा हर एक गीत है। मशीन की सरसराहट में , महादेव का नाम पिरोया है, आपकी बातों से मैंने , आत्मविश्वास को संजोया है। अपनों के सहयोग से ही, मेरी यह मेहनत चमकती है, तभी तो सफलता की राहें, अब ही सिमटती हैं। मुझसे स्मार्टफोन की दुनिया में , मैंने नया आकाश पाया है, मेरे परिवार और अपनों के साथ ने, मुझे बहुत भाया है। सीखने की इस यात्रा में, हर पल इक नया सबक है, अपनों की दुआओं का ही, यह मेरे जीवन में रक्षक है। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - शुक्राना और मेहनत दुनिया वालो, ये जीवन एक अनमोल उपहार है, सुनो इसे जीना ही सबसे बड़ा और सच्चा श्रृंगार है। जो भी मिला है, उसी में ढूंढना सीख लो, खुशी मेहनत की राह पर चल, अपनी किस्मत खुद खींच लो। जब तक साँस है, तब तक संघर्षों से ना घबराना, अपनी मेहनत के पसीने से, अपना भाग्य खुद सजाना। जो आज है, वही कल की नींव की पहचान बनेगा , तुम चलते रहो, तुम्हारा हौसला ही तुम्हारी शान बनेगा। हर सफलता के पीछे , बस एक ही सहारा सच्चा है, उस भोलेनाथ का नाम, जो कण-्कण में रचा-बसा है। वो देता है राहें, वो देता है चलने का हौसला, उसी के चरणों में अर्पित, यह जीवन का हर फैसला। अदा करो उस प्रभु का, जिसने यह जीवन दिया, शुक्रिया मेहनत और विश्वास का, जो अमृत है पिया। নুসন सदा रहो कृतज्ञ, यही जीने का सबसे सरल सार है, भोलेनाथ की कृपा ही, जीवन का सबसे बड़ा आधार है। शुक्राना और मेहनत दुनिया वालो, ये जीवन एक अनमोल उपहार है, सुनो इसे जीना ही सबसे बड़ा और सच्चा श्रृंगार है। जो भी मिला है, उसी में ढूंढना सीख लो, खुशी मेहनत की राह पर चल, अपनी किस्मत खुद खींच लो। जब तक साँस है, तब तक संघर्षों से ना घबराना, अपनी मेहनत के पसीने से, अपना भाग्य खुद सजाना। जो आज है, वही कल की नींव की पहचान बनेगा , तुम चलते रहो, तुम्हारा हौसला ही तुम्हारी शान बनेगा। हर सफलता के पीछे , बस एक ही सहारा सच्चा है, उस भोलेनाथ का नाम, जो कण-्कण में रचा-बसा है। वो देता है राहें, वो देता है चलने का हौसला, उसी के चरणों में अर्पित, यह जीवन का हर फैसला। अदा करो उस प्रभु का, जिसने यह जीवन दिया, शुक्रिया मेहनत और विश्वास का, जो अमृत है पिया। নুসন सदा रहो कृतज्ञ, यही जीने का सबसे सरल सार है, भोलेनाथ की कृपा ही, जीवन का सबसे बड़ा आधार है। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - अंधेरे में भी वो साथ है जब राहें धुंधली पड जाएं और कदम डगमगाने लगें , जब अपने भी बेगाने होकर, खुद से ही दूर जाने लगें | वो पल होता है इम्तिहान का, जब मन घबराहट में टूटता है, और इंसान , ऊपर वाले से भी अपना नाता रूठता है। सवाल उठते हैं मन में, कि "प्रभु तू क्यों खामोश है?" क्या मेरी व्यथा का तुझे, न कोई ज़रा भी होश है? हम लड़ते हैं , गिरते हैं, और थककर हार मान लेते हैं , मौन को उनकी बेरुखी , अपनी तन्हाई मान लेते हैं। पर सुनो! तुम अकेले नहीं, ये वहम मन से निकाल दो, भोलेनाथ के चरणों में , अपनी हर उलझन डाल दो। वो खामोश ज़रूर है, पर वो कभी दूर नहीं होता, भक्त के हर एक आंसू में , उसका ही नूर होता है। जब लगता है कोई नहीं है, तब वो हाथ थामते हैं , उलझी हुई इन सांसों को, नई दिशा वो ही थामते हैं। दिखाएगा, सब्र रखो उस डमरू वाले पर, वो वक़्त पर राह सच्चे दिल से, वो हर गम मिटाएगा। নুম লম पुकारो अंधेरे में भी वो साथ है जब राहें धुंधली पड जाएं और कदम डगमगाने लगें , जब अपने भी बेगाने होकर, खुद से ही दूर जाने लगें | वो पल होता है इम्तिहान का, जब मन घबराहट में टूटता है, और इंसान , ऊपर वाले से भी अपना नाता रूठता है। सवाल उठते हैं मन में, कि "प्रभु तू क्यों खामोश है?" क्या मेरी व्यथा का तुझे, न कोई ज़रा भी होश है? हम लड़ते हैं , गिरते हैं, और थककर हार मान लेते हैं , मौन को उनकी बेरुखी , अपनी तन्हाई मान लेते हैं। पर सुनो! तुम अकेले नहीं, ये वहम मन से निकाल दो, भोलेनाथ के चरणों में , अपनी हर उलझन डाल दो। वो खामोश ज़रूर है, पर वो कभी दूर नहीं होता, भक्त के हर एक आंसू में , उसका ही नूर होता है। जब लगता है कोई नहीं है, तब वो हाथ थामते हैं , उलझी हुई इन सांसों को, नई दिशा वो ही थामते हैं। दिखाएगा, सब्र रखो उस डमरू वाले पर, वो वक़्त पर राह सच्चे दिल से, वो हर गम मिटाएगा। নুম লম पुकारो - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - अस्तित्व की पुकार सफर की धड़कनें जब, मौन बनकर ठहर जाती हैं , परिस्थितियां कुछ ऐसी , रूह को झकझोर जाती हैं। अकेलेपन के इस भंवर में, जब कोई साहिल न दिखे, स्वयं के होने का प्रमाण , जैसे कहीं खो सा जाए। के कारवां में, जब वो भी दूर लगता है, दुआओं हृदय का हर स्पंदन , केवल सवाल बनकर डसता है। भटकती उन निगाहों को, कोई अपना नजर नहीं आता, तनाव की उस तपन में, मन कहीं ठहर नहीं पाता। मगर याद रखना , धड़कन में वो आदि-अनंत है, अभाव की इस धुंध में , वही तो एकमात्र वसंत है। वो जो नीलकंठ है, वो हर कसौटी में संग खड़ा है, भरोसा कर उस पर, वो हर मरुस्थल में खड़ा है। निराशा की जंजीरें , उसी की कृपा से टूटती हैं, पत्थरों से टकराकर ही, नई धाराएं फूटती हैं। अस्तित्व का ये रण, उसी की अनुकम्पा से जीतोगे , तुम अकेले नहीं हो, ये सत्य हर क्षण में देखोगे। अस्तित्व की पुकार सफर की धड़कनें जब, मौन बनकर ठहर जाती हैं , परिस्थितियां कुछ ऐसी , रूह को झकझोर जाती हैं। अकेलेपन के इस भंवर में, जब कोई साहिल न दिखे, स्वयं के होने का प्रमाण , जैसे कहीं खो सा जाए। के कारवां में, जब वो भी दूर लगता है, दुआओं हृदय का हर स्पंदन , केवल सवाल बनकर डसता है। भटकती उन निगाहों को, कोई अपना नजर नहीं आता, तनाव की उस तपन में, मन कहीं ठहर नहीं पाता। मगर याद रखना , धड़कन में वो आदि-अनंत है, अभाव की इस धुंध में , वही तो एकमात्र वसंत है। वो जो नीलकंठ है, वो हर कसौटी में संग खड़ा है, भरोसा कर उस पर, वो हर मरुस्थल में खड़ा है। निराशा की जंजीरें , उसी की कृपा से टूटती हैं, पत्थरों से टकराकर ही, नई धाराएं फूटती हैं। अस्तित्व का ये रण, उसी की अनुकम्पा से जीतोगे , तुम अकेले नहीं हो, ये सत्य हर क्षण में देखोगे। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - भरोसा जब लगे कि रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है, से भर चुका है। और मन का हर कोना मायूसी तब खुद से बस एक ही बात कहना, कि मैं कमजोर नहीं , मुझे बस और सहना है। जो ऊपर बैठा है, वो परीक्षा लेता है अक्सर, धैर्य रखोगे तो मिलेगा समाधान का अवसर। वो कहीं गया नहीं, बस हिम्मत देख रहा है, নুদ্কাঠী ही हाथों से, तकदीर लिख रहा है। तुम्हारे  तुम्हारी अकेलापन सिर्फ एक भ्रम है, हकीकत नहीं , परमात्मा के सिवा, और कोई ऐसी शक्ति नहीं | विश्वास की एक डोर छोड़ देना, बस उस पर मुसीबत की हर लहर को, अपनी प्रार्थना से मोड़ देना। भरोसा जब लगे कि रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है, से भर चुका है। और मन का हर कोना मायूसी तब खुद से बस एक ही बात कहना, कि मैं कमजोर नहीं , मुझे बस और सहना है। जो ऊपर बैठा है, वो परीक्षा लेता है अक्सर, धैर्य रखोगे तो मिलेगा समाधान का अवसर। वो कहीं गया नहीं, बस हिम्मत देख रहा है, নুদ্কাঠী ही हाथों से, तकदीर लिख रहा है। तुम्हारे  तुम्हारी अकेलापन सिर्फ एक भ्रम है, हकीकत नहीं , परमात्मा के सिवा, और कोई ऐसी शक्ति नहीं | विश्वास की एक डोर छोड़ देना, बस उस पर मुसीबत की हर लहर को, अपनी प्रार्थना से मोड़ देना। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - व्यर्थ का कोलाहल बेवजह  की बातों पर, क्यों अपना आपा खोते हो? तुम खुद ही रोते हो? की गलतियों पर, क्यों दूसरों  दो पल की बहस से, क्या कोई बड़ी जीत मिल जाएगी? अशांति की इस आग में , बस ही जल खुशी  जाएगी| तुम्हारी अपनी शक्ति व्यर्थ करना, ये तो खुद को दुख देना है, पत्थरों को पकड़कर, समंदर में बहने का जज्बा लेना है। चीखने चिल्लाने से, न तो सत्य कहीं बदलेगा , उलझने वालों के मन में, बस जहर का ही प्याला ढलेगा | क्या मिलेगा इस लडाई से? सिवाय उलझन और थकान के, सुकून तो खो ही दिया, खो दिया चैन उस मकान के। जो खुद पर विजय पाता है, वही असली ज्ञानी है, इस छोटी सी जिंदगी में , व्यर्थ की ये नदानी है। शांत रहो, संयम रखो, यही जीने की कला है, ईश्वर का नाम लो, क्योंकि वही सबसे भला है। व्यर्थ का कोलाहल बेवजह  की बातों पर, क्यों अपना आपा खोते हो? तुम खुद ही रोते हो? की गलतियों पर, क्यों दूसरों  दो पल की बहस से, क्या कोई बड़ी जीत मिल जाएगी? अशांति की इस आग में , बस ही जल खुशी  जाएगी| तुम्हारी अपनी शक्ति व्यर्थ करना, ये तो खुद को दुख देना है, पत्थरों को पकड़कर, समंदर में बहने का जज्बा लेना है। चीखने चिल्लाने से, न तो सत्य कहीं बदलेगा , उलझने वालों के मन में, बस जहर का ही प्याला ढलेगा | क्या मिलेगा इस लडाई से? सिवाय उलझन और थकान के, सुकून तो खो ही दिया, खो दिया चैन उस मकान के। जो खुद पर विजय पाता है, वही असली ज्ञानी है, इस छोटी सी जिंदगी में , व्यर्थ की ये नदानी है। शांत रहो, संयम रखो, यही जीने की कला है, ईश्वर का नाम लो, क्योंकि वही सबसे भला है। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - नीचा दिखाने का खेल क्यों दौड़ते हो तुम, को गिराने के वास्ते? दूसरों  क्यों ढूंढते हो सदा, काटों भरे ये रास्ते? किसी को नीचा दिखाकर, क्या ऊँचे हो जाओगे? #3#, अपनी ही नजरों गिरते ही चले जाओगे। अहंकार का चश्मा , आँखों पर जो चढ़ा रखा है, बखेड़ा खड़ा रखा है। बेवजह का ही तुमने, मन में जो खालीपन, उसको भर नहीं पाते, खुद के इसीलिए दूसरों की पर, तुम जहर बरसाते। खुशी ये छोटी मानसिकता, बस आत्म-घाती है, वही सबसे अभागी है। को তী दूसरों  ತತ೯ समय की गति को समझो, ये हाथ से निकल जाएगा , कल पछतावे के सिवा, कुछ भी न बच पाएगा| नीचा दिखाने का खेल क्यों दौड़ते हो तुम, को गिराने के वास्ते? दूसरों  क्यों ढूंढते हो सदा, काटों भरे ये रास्ते? किसी को नीचा दिखाकर, क्या ऊँचे हो जाओगे? #3#, अपनी ही नजरों गिरते ही चले जाओगे। अहंकार का चश्मा , आँखों पर जो चढ़ा रखा है, बखेड़ा खड़ा रखा है। बेवजह का ही तुमने, मन में जो खालीपन, उसको भर नहीं पाते, खुद के इसीलिए दूसरों की पर, तुम जहर बरसाते। खुशी ये छोटी मानसिकता, बस आत्म-घाती है, वही सबसे अभागी है। को তী दूसरों  ತತ೯ समय की गति को समझो, ये हाथ से निकल जाएगा , कल पछतावे के सिवा, कुछ भी न बच पाएगा| - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - रिश्तों का संतुलन 9ತ में , हम सब बंधे हैं एक धागे से, समाज की इस दूरी का कोई अर्थ नहीं, यहाँ हर कोई मिला है आगे से। पास रहकर भी जो, अपने मन को शांत रख पाए, वही तो मुश्किलों के इस शोर में , सुकून का दीप जला पाए। कोई बोले कड़वी बातें, तो उसे मौन का उत्तर देना, अपनी शांति को खोकर, किसी को अपना दुख क्यों देना? लिए, नजदीकियां जरूरी हैं, समाज की मर्यादाओं के पर खुद को संभालने की शक्ति, चाहिए अपनी आत्माओं के लिए। टकराव तो होते रहेंगे , ये तो जीवन की रीत है, पर जो खुद को स्थिर रखे, वही सच्ची जीत है। नीचा दिखाने की कोशिशें , उनकी सोच का आईना हैं, तुम अपने आप में पूर्ण रहो, यही महादेव का कहना है। रिश्तों का संतुलन 9ತ में , हम सब बंधे हैं एक धागे से, समाज की इस दूरी का कोई अर्थ नहीं, यहाँ हर कोई मिला है आगे से। पास रहकर भी जो, अपने मन को शांत रख पाए, वही तो मुश्किलों के इस शोर में , सुकून का दीप जला पाए। कोई बोले कड़वी बातें, तो उसे मौन का उत्तर देना, अपनी शांति को खोकर, किसी को अपना दुख क्यों देना? लिए, नजदीकियां जरूरी हैं, समाज की मर्यादाओं के पर खुद को संभालने की शक्ति, चाहिए अपनी आत्माओं के लिए। टकराव तो होते रहेंगे , ये तो जीवन की रीत है, पर जो खुद को स्थिर रखे, वही सच्ची जीत है। नीचा दिखाने की कोशिशें , उनकी सोच का आईना हैं, तुम अपने आप में पूर्ण रहो, यही महादेव का कहना है। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - भीड़़  में अडिग शोर है चारों तरफ, शब्दों के तीखे बाण हैं, कौन बड़ा और कौन छोटा , यहाँ सबको अभिमान है। पास रहकर सहना इनको, एक कठिन चुनौती 8, संपूति है। पर मेरे महादेव का साथ ही, मेरी असली टकराव की हर आहट को, मैं मुस्कान से टालती हूँ, व्यर्थ की इन उलझनों में , अपनी शक्ति नहीं डालती हूँ । दूरी बनाना सरल था, पर साथ रहकर निभाना है, हर कड़वाहट के बीच भी, अपना संयम बचाना है। लोगों की तुच्छ सोच पर, मैं न अपना वक्त खोती हूँ, ईश्वर के चरणों में ही, मैं अपनी ऊर्जा बोती हूँ। वे गिराने को खड़े हैं , मैं उठने को तैयार हूँ, महादेव का हाथ है सर पर, मैं निडर और खुद्दार हूँ। भीड़़  में अडिग शोर है चारों तरफ, शब्दों के तीखे बाण हैं, कौन बड़ा और कौन छोटा , यहाँ सबको अभिमान है। पास रहकर सहना इनको, एक कठिन चुनौती 8, संपूति है। पर मेरे महादेव का साथ ही, मेरी असली टकराव की हर आहट को, मैं मुस्कान से टालती हूँ, व्यर्थ की इन उलझनों में , अपनी शक्ति नहीं डालती हूँ । दूरी बनाना सरल था, पर साथ रहकर निभाना है, हर कड़वाहट के बीच भी, अपना संयम बचाना है। लोगों की तुच्छ सोच पर, मैं न अपना वक्त खोती हूँ, ईश्वर के चरणों में ही, मैं अपनी ऊर्जा बोती हूँ। वे गिराने को खड़े हैं , मैं उठने को तैयार हूँ, महादेव का हाथ है सर पर, मैं निडर और खुद्दार हूँ। - ShareChat