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vikalp sharma - Author on ShareChat
vikalp sharma
7K views • 26 days ago
#satya vachan
जिंदगी में कभी भी॰ मत सोचो कि कौन कब, कैसे, कहाँ बदल गया सिर्फ इतना देखो वह तुम्हें सिखा कर क्या गया...!! यही जीवन का ज्ञान है। पीड़ाएं केवल दुःख नहीं देती ज्ञान भी देती हैं।    जिंदगी में कभी भी॰ मत सोचो कि कौन कब, कैसे, कहाँ बदल गया सिर्फ इतना देखो वह तुम्हें सिखा कर क्या गया...!! यही जीवन का ज्ञान है। पीड़ाएं केवल दुःख नहीं देती ज्ञान भी देती हैं।
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    हर हर महादेव D1~^11 अनुभव उम्र से नहीं परिस्थितियों से मिलती है क्योंकि इंसान अच्छे वक्त से ज्यादा बुरे वक्त से सीखता है. W BhakHi Shaktl हर हर महादेव D1~^11 अनुभव उम्र से नहीं परिस्थितियों से मिलती है क्योंकि इंसान अच्छे वक्त से ज्यादा बुरे वक्त से सीखता है. W BhakHi Shaktl
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    मैं जैसा भी हूं पर झूठा नहीं हूं॰. फिकर तो वो करे :- जो बोलते कुछ है, करते कुछ हैं, और होते कुछ है. Soch Badlo मैं जैसा भी हूं पर झूठा नहीं हूं॰. फिकर तो वो करे :- जो बोलते कुछ है, करते कुछ हैं, और होते कुछ है. Soch Badlo
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  • Gudiya Chaurasiya - Author on ShareChat
    Gudiya Chaurasiya❤
    sᴀᴛᴀʏ ᴠᴀᴄʜᴀɴ #satya vachan
    ShareChat Suckyy_SRo जिसकी जैसी सोच वो वो वैसी कहानी रखता है कोई परिंदों के लिए बंदूक तो कोई पानी रखता है। @life_lesson_62 ShareChat Suckyy_SRo जिसकी जैसी सोच वो वो वैसी कहानी रखता है कोई परिंदों के लिए बंदूक तो कोई पानी रखता है। @life_lesson_62
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  • Ak - Author on ShareChat
    Ak786 💔
    #satya vachan #satya vachan
    satya vachan, satya vachan
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    1K
  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    अपमान का इकलौता जवाब दूरी है; न बहस करें, न कोई तमाशा| बस वहां से अपनी मौजूदगी हटा लें और खामोशी से आगे बढें। हर युद्ध लड़ना जरूरी नही होता, कुछ जीतें मौन से भी मिलती है। अपमान The Daily & Dose द डेली डोस FBpage अपमान का इकलौता जवाब दूरी है; न बहस करें, न कोई तमाशा| बस वहां से अपनी मौजूदगी हटा लें और खामोशी से आगे बढें। हर युद्ध लड़ना जरूरी नही होता, कुछ जीतें मौन से भी मिलती है। अपमान The Daily & Dose द डेली डोस FBpage
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  • दीपक शर्मा - Author on ShareChat
    दीपक शर्मा
    #satya vachan #सच्ची बात #अनमोल वचन
    सत्य वचन ) हैं कहते कि पैसा रखों बुरे वक़्त काम आएगा में कहॅता हूँ ईशवर पर यकीन रखों बुरा वक़्त ही नहीं आएगा! 3IuIq qఇT सत्य वचन ) हैं कहते कि पैसा रखों बुरे वक़्त काम आएगा में कहॅता हूँ ईशवर पर यकीन रखों बुरा वक़्त ही नहीं आएगा! 3IuIq qఇT
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    "अपने दिमाग को अपनी भावनाओं से अधिक मजबूत होने के लिए प्रशिक्षित करें अन्यथा आप हर बार खुद को परेशान पाएंगे। क्योंकि जो अपने मन पर विजय पा लेता है, उसे परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उसका विवेक दिशा देता है। @teamlittlebuddka| 99)5 "अपने दिमाग को अपनी भावनाओं से अधिक मजबूत होने के लिए प्रशिक्षित करें अन्यथा आप हर बार खुद को परेशान पाएंगे। क्योंकि जो अपने मन पर विजय पा लेता है, उसे परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उसका विवेक दिशा देता है। @teamlittlebuddka| 99)5
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  • Sagar Singh - Author on ShareChat
    Sagar Singh
    #🙏सुविचार📿 #Suvichar #MOTIVATIONAL #satya vachan #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
    माया में जैसे तीन गुण सत र्ज तू्म है इनको समझॅना मुश्किल है वैसे ही स्वार्थ पुरुषार्थ पर्मार्थ भी समझना मृश्किल है॰ क्योंकि यह तीनों सभीॅ में मिक्स हैं। 1 6d जो अपने शरीर॰मन के सुख हेतु रुप,रस,गंध, स्पर्श सौंदर्यस्वाद ं 4 sfagt सम्मान पैसा  अनुकूलता, में आसक्त है और अहंकॉर का दाूस है और इसके fg अपनी भीतरी श्रेष्ठता की कभी भी हत्या कर सकता है چ स्वार्थी।जो शरीर मन के सुख लालच् से मुक्तू हाो तथा अपनी श्रद्धा श्रेष्ठता की सुरक्षा में किसी भी स्वार्थ का बलिँदान कर दे वो ஈa परमार्थी और त्याग बलिदान चरित्र कर्म की श्रेष्ठता में दमदारी মিসহালথfত लगा रहेवे सागर माया में जैसे तीन गुण सत र्ज तू्म है इनको समझॅना मुश्किल है वैसे ही स्वार्थ पुरुषार्थ पर्मार्थ भी समझना मृश्किल है॰ क्योंकि यह तीनों सभीॅ में मिक्स हैं। 1 6d जो अपने शरीर॰मन के सुख हेतु रुप,रस,गंध, स्पर्श सौंदर्यस्वाद ं 4 sfagt सम्मान पैसा  अनुकूलता, में आसक्त है और अहंकॉर का दाूस है और इसके fg अपनी भीतरी श्रेष्ठता की कभी भी हत्या कर सकता है چ स्वार्थी।जो शरीर मन के सुख लालच् से मुक्तू हाो तथा अपनी श्रद्धा श्रेष्ठता की सुरक्षा में किसी भी स्वार्थ का बलिँदान कर दे वो ஈa परमार्थी और त्याग बलिदान चरित्र कर्म की श्रेष्ठता में दमदारी মিসহালথfত लगा रहेवे सागर
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    एकबात हमेशा याद खखना साहब॰  दर्पण में भुख में सुख और दुनिया 1 होता नहीं है सिर्फ दिखाई देता है इसीलिए ही कहा गया है कि रिश्े रबसु बनाए खे लेकिन उम्मीद किसी से भत रखन। एकबात हमेशा याद खखना साहब॰  दर्पण में भुख में सुख और दुनिया 1 होता नहीं है सिर्फ दिखाई देता है इसीलिए ही कहा गया है कि रिश्े रबसु बनाए खे लेकिन उम्मीद किसी से भत रखन।
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं , और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं इस पोस्ट को तब तक बार बार पढ़ना जब तक कही गई बात हृदय में न उतर जाए, कभी सोचा है कि जो भगवान सर्वसमर्थ है, वो फिर शबरी के घर चल कर क्यों जाता है, विदुर के घर साग क्यों खाता है, महाभारत में राजा बनकर लड़ने की जगह सारथी बनकर मार्गदर्शन क्यों करता है, सुदामा के द्वारिका पहुंचने पर नंगे पैर दौड़ पड़ता है, जो भगवान सर्व शक्ति मान है, वो अपने सच्चे भक्त के बस में हो जाता है, इसका मतलब इतना तो समझ आ ही गया होगा, की भगवान सरल लोगों को ही प्राप्त होता है, अगर आप में अहंकार है वो किसी भी तरह का हो, भगवान आपको प्राप्त नहीं होगा, हां इतना जरूर है जब आपका हृदय अहंकार रहित होकर निर्मल हो जायेगा, तो उसमें ईश्वर प्रकट रूप में जाएंगे , और जिसके साथ ईश्वर साक्षात् रूप में हैं उसको आ फिर किसी चीज की कमी नहीं, जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं, और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं , और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं इस पोस्ट को तब तक बार बार पढ़ना जब तक कही गई बात हृदय में न उतर जाए, कभी सोचा है कि जो भगवान सर्वसमर्थ है, वो फिर शबरी के घर चल कर क्यों जाता है, विदुर के घर साग क्यों खाता है, महाभारत में राजा बनकर लड़ने की जगह सारथी बनकर मार्गदर्शन क्यों करता है, सुदामा के द्वारिका पहुंचने पर नंगे पैर दौड़ पड़ता है, जो भगवान सर्व शक्ति मान है, वो अपने सच्चे भक्त के बस में हो जाता है, इसका मतलब इतना तो समझ आ ही गया होगा, की भगवान सरल लोगों को ही प्राप्त होता है, अगर आप में अहंकार है वो किसी भी तरह का हो, भगवान आपको प्राप्त नहीं होगा, हां इतना जरूर है जब आपका हृदय अहंकार रहित होकर निर्मल हो जायेगा, तो उसमें ईश्वर प्रकट रूप में जाएंगे , और जिसके साथ ईश्वर साक्षात् रूप में हैं उसको आ फिर किसी चीज की कमी नहीं, जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं, और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं
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