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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि #व्रत एवं त्योहार
शुभ मुहूर्त - 03-06-26 विभुवन संकष्टी चतुर्थी बुधवार चतुर्थी पुरुषोत्तम मास में आती है, तब इसे विभुवन  5q46 संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्रीगणेश की अधिक मास में पड़ने वाली उपासना के लिए विशेष है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और और सुख, पूजा करने से जीवन के सभी संकट ' 8 డ్గౌగId समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस साल यह शुभ दिन 3 जून 3t81 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट , बाधाएं और नकारात्मक दूर होते हैं। प्रभाव चंद्रमा को अर्घ्य देने का समयः रात १०:०४ बजे से १0:४३ बजे तक। 03-06-26 विभुवन संकष्टी चतुर्थी बुधवार चतुर्थी पुरुषोत्तम मास में आती है, तब इसे विभुवन  5q46 संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्रीगणेश की अधिक मास में पड़ने वाली उपासना के लिए विशेष है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और और सुख, पूजा करने से जीवन के सभी संकट ' 8 డ్గౌగId समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस साल यह शुभ दिन 3 जून 3t81 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट , बाधाएं और नकारात्मक दूर होते हैं। प्रभाव चंद्रमा को अर्घ्य देने का समयः रात १०:०४ बजे से १0:४३ बजे तक। - ShareChat