*बागपत (उत्तर प्रदेश)*
*3 वर्षीय मासूम से दरिंदगी मामला: भाकियू (तोमर) ने खोला बागपत पुलिस के खिलाफ मोर्चा, 29 जून को लखनऊ कूच का ऐलान।।*
*"घटना के वक्त एम्बुलेंस तक नहीं दे पाई बागपत पुलिस, अब पीड़ित परिवार पर बना रही अपने पक्ष में वीडियो का दबाव" — चौधरी संजीव तोमर।।*
*मांगें पूरी न होने पर 30 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे प्रदेशभर के हजारों किसान।।*
बागपत
थाना सिंघावली अहीर के ग्राम चिरचिटा में 15 जून को एक 3 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में न्याय न मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। संगठन के बागपत स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित एक आपातकालीन प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने बागपत पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और संवेदनहीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय नहीं मिला, तो संगठन 29 जून को लखनऊ कूच करेगा। प्रेसवार्ता में चौधरी संजीव तोमर ने पुलिस प्रशासन को कड़े शब्दों में कहा कि, "जब यह घोर अपराध हुआ, तो बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक थी और परिजन बदहवास थे। ऐसे समय में मौके पर एम्बुलेंस या आपातकालीन मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने में बागपत पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हुई। परिजनों ने खुद जैसे-तैसे बच्ची को अस्पताल पहुंचाया।उन्होंने आगे बताया कि इस मामले को लेकर संगठन ने 22 जून को बागपत पुलिस कप्तान (SP) से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। आरोप है कि कप्तान साहब ने पीड़ित परिवार और किसान प्रतिनिधियों को कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस के इस अड़ियल और संवेदनहीन रवैये से आहत होकर पीड़ित परिवार मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई अपनी पीठ थपथपाने के लिए पीड़ित परिवार पर बना रहे दबाव" भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बागपत पुलिस पर एक और सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अपनी नाकामी को छिपाने के लिए पीड़ित परिवार पर लगातार अनुचित मानसिक दबाव बना रहा है। पुलिस चाहती है कि पीड़ित परिजन उनके पक्ष में बयान देते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड करें, जिसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर पुलिस खुद को क्लीन चिट दे सके। संजीव तोमर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि पीड़ित परिवार का ऐसा आर्थिक और मानसिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चौधरी संजीव तोमर ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। संगठन ने आंदोलन का खाका तैयार कर लिया है: 29 जून बागपत पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट प्रदेशभर के हजारों किसान लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। 30 जून किसान सीधे माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय (लोक भवन) पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बच्ची को पूर्ण इंसाफ नहीं मिलता, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी फास्ट ट्रैक कोर्ट इस जघन्य अपराध का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर अपराधी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को संबल प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से ₹50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए पुलिसिया दबाव और सुरक्षा खतरों को देखते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल 24 घंटे पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।पीड़ित बच्ची को मुफ्त सरकारी मेडिकल सुविधाएं दी जाएं और उसकी आगे की पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी तक का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करे।
इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, जिला अध्यक्ष देवेंद्र तोमर, अमित जैन, संगठन मंत्री सुनील शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष चौहान इसरार, अजय, गिरिजेश, अभिषेक, विशु, मंजूर अहमद, नरेश उपाध्याय, अहमद, मुकेश गुर्जर, अजय त्यागी, हीरा बालियान, आकिल राणा, शहजाद मलिक, दीपक तोमर, गुल्लू पहलवान, मुजीबुर रहमान, हाजी खिल्ली, अकबर, जमीर, तारीफ, इमरान, अमित कुमार और वसीम मलिक सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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