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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - जहा त्रिखा मन तुझु आकरख़ै ।; तहनानकहरि हरि अम्रितु बरख़ै । श्री गुरुः अर्जुन देव जी मनुष्य को समझाते हैं कि अर्थः पंचम पातशाही यह संसार और हमारा मन इच्छाओं और तृष्णा की आग में जल रहा HloT मन दुनिया के विकारों चिंताओं या इच्छाओं है। जब भी मनुष्य काः की तरफ आकर्षित होकर भटकने लगता हैटतो उस स्थिति से उबरने m ।कानाम हरि हरि r जपने से मन का केवल एक ही उपाय है। परमात्मा' तेरा में नाम ्अमृत की वर्षा होने लगती है। यह अमृत मन की सारी तृष्णा, जलन और व्याकुलता को पूरी तरह शांत कर देता है। सरल शब्दों मेंः भाणा भी जीवन में कोई मानसिक तनाव , इच्छा या भटकाव आपको जब परेशान करे, तो प्रभु के सिमरन में लीन हो जाइए। जैसे तपती धरती पर बारिश की बूंदें ठंडक लाती हैं, वैसे ही भगवान का नाम आपके झुलसते हुए मन को परम शांति और तृप्ति दे देगा। जहा त्रिखा मन तुझु आकरख़ै ।; तहनानकहरि हरि अम्रितु बरख़ै । श्री गुरुः अर्जुन देव जी मनुष्य को समझाते हैं कि अर्थः पंचम पातशाही यह संसार और हमारा मन इच्छाओं और तृष्णा की आग में जल रहा HloT मन दुनिया के विकारों चिंताओं या इच्छाओं है। जब भी मनुष्य काः की तरफ आकर्षित होकर भटकने लगता हैटतो उस स्थिति से उबरने m ।कानाम हरि हरि r जपने से मन का केवल एक ही उपाय है। परमात्मा' तेरा में नाम ्अमृत की वर्षा होने लगती है। यह अमृत मन की सारी तृष्णा, जलन और व्याकुलता को पूरी तरह शांत कर देता है। सरल शब्दों मेंः भाणा भी जीवन में कोई मानसिक तनाव , इच्छा या भटकाव आपको जब परेशान करे, तो प्रभु के सिमरन में लीन हो जाइए। जैसे तपती धरती पर बारिश की बूंदें ठंडक लाती हैं, वैसे ही भगवान का नाम आपके झुलसते हुए मन को परम शांति और तृप्ति दे देगा। - ShareChat