1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अदम्य साहस और वीरता के प्रतीक बाबू वीर कुंवर सिंह जी के विजयोत्सव (23 अप्रैल) पर शत्-शत् नमन। 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को हराकर जगदीशपुर में विजय पताका फहराई थी।
वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव के मुख्य बिंदु: -
ऐतिहासिक विजय: 23 अप्रैल 1858 को उन्होंने कैप्टन ले ग्रैंड के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना को करारी शिकस्त दी थी।
अदम्य साहस: 80 वर्ष की वृद्धावस्था में भी वे युद्ध के मैदान में डटे रहे और बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
समर्पण: लड़ते समय बांह में गोली लगने पर उन्होंने अपनी तलवार से अपनी ही बांह काटकर गंगा मैया को समर्पित कर दी थी।
बिहार का गौरव: वे शाहाबाद (बिहार) के जगदीशपुर के जमींदार थे और 1857 की क्रांति के प्रमुख नायक थे। 🙏🙏
#बाबू वीर कुंवर सिंह जी



