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#धर्म नहीं धंधा हैं #धर्म का धंधा #धर्म या धंधा #धर्म के नाम पर राजनीतिक धंधा #धर्म का धंधा सबसे अच्छा रोजगार है
धर्म नहीं धंधा हैं - हिंदू सिर्फ फायदा देखता है TTT जब तक दूध देगी तब तक रखता s देता है काटने है उसके बाद के लिए बेच देता है मतलब बूढ़ी होने पर माता नहीं है। भगवान देवी देवता से भी व्यापार करता है, बिना मतलब पूजा नहीं करता है। यहां तक कि दूध देती गाय को भी खाना नहीं देता है सड़कों पर कचरा खाने को s देता है। लेकिन मुसलमान को लिए बदनाम करने के नकली गौपुत्र बन जाता है। गाय और कुत्ता को रोटी हिंदू भी यूं ही नहीं खिलाता है। सिर्फ ٢٤ वोटों के लिए का आस्था जागता है। जिस मंदिर से फायदा नहीं हुआ वहां जाता नहीं| हिंदू सिर्फ फायदा देखता है TTT जब तक दूध देगी तब तक रखता s देता है काटने है उसके बाद के लिए बेच देता है मतलब बूढ़ी होने पर माता नहीं है। भगवान देवी देवता से भी व्यापार करता है, बिना मतलब पूजा नहीं करता है। यहां तक कि दूध देती गाय को भी खाना नहीं देता है सड़कों पर कचरा खाने को s देता है। लेकिन मुसलमान को लिए बदनाम करने के नकली गौपुत्र बन जाता है। गाय और कुत्ता को रोटी हिंदू भी यूं ही नहीं खिलाता है। सिर्फ ٢٤ वोटों के लिए का आस्था जागता है। जिस मंदिर से फायदा नहीं हुआ वहां जाता नहीं| - ShareChat