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जय गणेश गिरिजासुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देउ अभय वरदान।।
अर्थ: हे माता पार्वती के पुत्र भगवान श्री गणेश, आपकी जय हो! आप सभी मंगलों (कल्याण) के मूल आधार हैं और परम बुद्धिमान हैं। कवि अयोध्यादास कहते हैं कि हे प्रभु, आप मुझे अपनी शरण में लेकर अभय का वरदान प्रदान कीजिए।
बुद्धिमत्ता का महत्व: भगवान गणेश को 'सुजान' (परम ज्ञानी) कहा गया है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में किसी भी कार्य की शुरुआत विवेक और बुद्धि से करनी चाहिए। वे 'मंगल मूल' हैं, यानी शुभता के स्रोत हैं। जीवन में हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
समर्पण से निर्भयता: जब हम खुद को ईश्वर या अपने ऊंचे लक्ष्यों के प्रति समर्पित कर देते हैं, तो मन का हर प्रकार का भय दूर हो जाता है।
सुप्रभात!विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश आपके जीवन के सभी संकटों को दूर करें। आपका आज का दिन सुख, समृद्धि, और सफलता से भरा हो।
🔱🙏🌹!!जय श्री गणेश!!🌹🙏🔱
#श्री गणेशाय नमः