MLP
🌹सोने की ईंटें🌹
🙏🙏🙏
एक गुरुकुल में गुरुजी ने अपने दो शिष्यों को बुलाकर गुरुजी ने कहा, "पहाड़ की चोटी पर मेरे मित्र का आश्रम है। तुम दोनों वहाँ जाओ और उनका हालचाल लेकर वापस आओ। जाते समय ये दो बैग भी साथ ले जाओ।"
चालाक शिष्य ने तुरंत खाली बैग उठा लिया, जबकि दूसरे सरल स्वभाव के शिष्य ने भरा हुआ बैग उठा लिया।
गुरुजी ने भरे हुए बैग वाले शिष्य से कहा, "रास्ते में जो भी जरूरतमंद मिले, उन्हें इस बैग का सामान बाँटते जाना।" खाली बैग वाले शिष्य से बोले, "रास्ते में जो भी अच्छी वस्तु मिले, उसे अपने बैग में रख लेना।"
यात्रा शुरू हुई।
पहला शिष्य जरूरतमंदों की मदद करता गया। सामान बाँटते-बाँटते उसका बैग हल्का होता गया और वह आसानी से आश्रम पहुँच गया। दूसरी ओर, लालच में पड़े शिष्य ने रास्ते में मिले चाँदी के सिक्के, ताँबे के सिक्के और सोने की ईंटें अपने बैग में भर लीं। बैग इतना भारी हो गया कि वह रास्ते में ही गिरकर बेहोश हो गया।
लौटते समय पहले शिष्य ने उसे संभाला और आश्रम ले आया। गुरुजी ने समझाया, "जो दूसरों के साथ बाँटता है, उसका जीवन हल्का और सुखी रहता है। लेकिन जो केवल जमा करता है, वह अपने ही बोझ से दब जाता है।"
सीख: सच्ची खुशी संग्रह में नहीं, बल्कि बाँटने और दूसरों के काम आने में है।
मंगलमय प्रभात
प्रणाम #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #❤️जीवन की सीख #🏠घर-परिवार #👌 आत्मविश्वास #👍 सफलता के मंत्र ✔️