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राम लक्ष्मण द्वादशी द्वादशी हर चंद्रमाह के 12 वें दिन मनायी जाती है। ऐसा मानना है कि हर महीने में आने वाली द्वादशी को तुलसी के पेड़ की पूजा करना बहुत महत्वपूर्ण होता हैं। श्री रामलक्ष्मण द्वादशी की बात करें तो यह बहुत ही शुभ व्रत माना जाता है जो द्वादशी के दिन ही मनाया जाता है। ज्येष्ठ के महीने में और शुक्ल पक्ष के द्वादशी के दिन और निरजला एकादशी के बाद ही रामलक्ष्मण द्वादशी पड़ती है। वहीं, एक ग्रेगोरीयन कैलेंडर के अनुसार यह व्रत जून के महीने में ही पड़ता है। दरअसल त्रेता युग के समय, अयोध्या के शासक हुआ करते थे राजा दशरथ। उन्होंने रामलक्ष्मण द्वादाशी के दिन ही अपने वंस को आगे बढ़ाने के लिए भगवान से एक पुत्र के लिए प्रार्थना की थी। आखिरकार राजा दशरथ की प्रार्थना भगवान ने सुनी और अगले ही साल चैत्र मास नवमी के शुभ दिन भगवान राम का जन्म हुआ। इस खास दिन सारे भक्तजन व्रत रखते हैं ताकि उनके भी घर भगवान राम जैसा पुत्र जन्म लें और साथ ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाएं। आपको बता दें कि इस दिन श्री राम की पूजा बहुत ही धूम-धाम से होती है। बता दें कि कुछ राज्यों में जैसे कि उड़ीसा में लोग इस दिन रामलक्ष्मण द्वादाशी को चंपाका द्वादाशी के नाम से भी जानते हैं। पूरी के जगन्नाथ मंदिर में इस पर्व को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यही नहीं, उतकला ब्राह्मिण लोगों के लिए यह काफी शुभ और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस खास दिन लोग बड़ी श्रद्धा और लगन से सारी पूजा विधि-विधान से करते हैं और भगवान जगन्नाथ के सामने भोग भी चढ़ाते हैं, जिसे फिर प्रसाद के रूप में वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों को बांट दिया जाता है। चंपा के फूलों से पूजन करने से उसे विष्णु लोक में जगह मिलती है। चंपक द्वादशी पर किए गए विधिवत पूजन से व्यक्ति के सकल कार्य सिद्ध होते हैं। जो कार्य लंबे समय से लंबित पड़ें हैं वो जल्द ही संपूर्ण होकर सिद्ध भी होते हैं। भगवान विट्ठलेश श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन कर उन पर चंपा फूलों के फूलों की माला चढ़ाएं अगर चंपा के फूल संभव न हों तो पीले-सफ़ेद फूलों की माला चढाएं यह उपाय मध्यान के समय करें। पूजा संपूर्ण होने के बाद हल्दी अथवा पीत चंदन की माला से इस मंत्र का तेह संभव जाप करें। जल्द ही सकल कार्य सिद्ध होंगे। यह मंत्र देवऋषि नारद द्वारा रचित पञ्चरात्रे कृष्ण स्तोत्र से है। #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - २६ जून २०२६ शुक्रवार राम ही सत्य हैं, राम ही शिव हैं, राम ही सुंदर हैं, राम ही जीवन हैं IGIII I @183{0[ द्वादशी की हार्दिक शुभकामनाएं ! भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता प्रदान करें। जय श्री राम २६ जून २०२६ शुक्रवार राम ही सत्य हैं, राम ही शिव हैं, राम ही सुंदर हैं, राम ही जीवन हैं IGIII I @183{0[ द्वादशी की हार्दिक शुभकामनाएं ! भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता प्रदान करें। जय श्री राम - ShareChat