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Nipah virus - 1998 me malesia me pahla case #knowledge of nipah virus
knowledge of nipah virus - १९९८ में मलेशिया में निपाह का पहला केस सामने 34[ १९९८-९९ में पहली बार मलेशिया के सुंगाई निपाह गांव में इस वायरस की पहचान हुई। इसी गांव के नाम पर इसका नाम निपाह वायरस रखा गया। यह वायरस चमगादड़ से फैला था। चमगादड़ों से के फार्म में काम करने वाले लोग तक पहुंचा | सूअरों : {3Rt ' वायरस संक्रमित हुए। मलेशिया में १०० लोगों की मौत हुई संक्रमित हुए हुए थे। १०० से मलेशिया में लगभग २६५ लोग अधिक लोगों की मौत हुई। संक्रमण रोकने के लिए सरकार को १० को मारना पडा। इससे मलेशिया के पोर्क लाख से ज्यादा {3Rt : इंडस्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मलेशिया के बाद निपाह वायरस 6 देशों में फैला सिंगापुर, সলহিয়া ব  यह वायरस बांग्लादेश , भारत, बाद 4 @3 फिलीपींस में फैला। कंबोडिया और थाईलैंड में भी वायरस केस मिले थे। हालांकि, यह ज्यादा नहीं फैल पाया। भारत में २००१ में पहला निपाह केस सामने आया भारत में २००१ में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पहली बार निपाह फैला था। तब ६६ मामले सामने आए थे जिसमें ४५ मौतें हो गईं थीं। इसके बाद २००७ में बंगाल के नादिया में पांच केस सामने आए॰ सभी की मौत हो गई। २०१८ मे केरलम में निपाह ने एंट्री ली। राज्य में 8 सालों में छ्ह बार निपाह के केस आ चुके हैं। सामने भारत में संक्रमण का पैटर्न अलग क्यों है मलेशिया में वायरस मुख्य रूप से सूअरों के जरिए फैला था। लेकिन भारत और बांग्लादेश में अधिकतर मामलों में यह चमगादड़ों से फैला। १९९८ में मलेशिया में निपाह का पहला केस सामने 34[ १९९८-९९ में पहली बार मलेशिया के सुंगाई निपाह गांव में इस वायरस की पहचान हुई। इसी गांव के नाम पर इसका नाम निपाह वायरस रखा गया। यह वायरस चमगादड़ से फैला था। चमगादड़ों से के फार्म में काम करने वाले लोग तक पहुंचा | सूअरों : {3Rt ' वायरस संक्रमित हुए। मलेशिया में १०० लोगों की मौत हुई संक्रमित हुए हुए थे। १०० से मलेशिया में लगभग २६५ लोग अधिक लोगों की मौत हुई। संक्रमण रोकने के लिए सरकार को १० को मारना पडा। इससे मलेशिया के पोर्क लाख से ज्यादा {3Rt : इंडस्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मलेशिया के बाद निपाह वायरस 6 देशों में फैला सिंगापुर, সলহিয়া ব  यह वायरस बांग्लादेश , भारत, बाद 4 @3 फिलीपींस में फैला। कंबोडिया और थाईलैंड में भी वायरस केस मिले थे। हालांकि, यह ज्यादा नहीं फैल पाया। भारत में २००१ में पहला निपाह केस सामने आया भारत में २००१ में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पहली बार निपाह फैला था। तब ६६ मामले सामने आए थे जिसमें ४५ मौतें हो गईं थीं। इसके बाद २००७ में बंगाल के नादिया में पांच केस सामने आए॰ सभी की मौत हो गई। २०१८ मे केरलम में निपाह ने एंट्री ली। राज्य में 8 सालों में छ्ह बार निपाह के केस आ चुके हैं। सामने भारत में संक्रमण का पैटर्न अलग क्यों है मलेशिया में वायरस मुख्य रूप से सूअरों के जरिए फैला था। लेकिन भारत और बांग्लादेश में अधिकतर मामलों में यह चमगादड़ों से फैला। - ShareChat