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*कुछ खास युतियां - विस्तार से* 1. *शनि + सूर्य* पिता-पुत्र का झगड़ा। अहंकार और अनुशासन की टकराहट। सरकारी काम में अड़चन, बॉस से नहीं बनती। जिंदगी में संघर्ष लंबा चलता है क्योंकि शनि धीमा है और सूर्य तेज। नाम देर से बनता है, पर मेहनत से बनता जरूर है। 2. *गुरु + शुक्र* धर्म और भोग आमने सामने। गुरु संस्कार चाहता है, शुक्र सुख-सुविधा। शादी में सोच का फर्क आता है। एक साथी धार्मिक, दूसरा मॉडर्न। एडजस्टमेंट से ही गृहस्थी चलती है। पैसा और ज्ञान दोनों मिलते हैं, पर बैलेंस जरूरी। 3. *गुरु + मंगल* ज्ञान + ताकत = राजयोग। इसे गुरु-मंगल योग कहते हैं। ऐसा इंसान निडर, लीडर और नीति वाला होता है। टेक्निकल, सेना, पुलिस, स्पोर्ट्स, मैनेजमेंट में आगे जाता है। लोग इसका लोहा मानते हैं। दुनिया सच में झुकती है। 4. *शनि + शुक्र* विलास का कारक शुक्र और मेहनत का कारक शनि। पैसा आएगा पर देर से और मेहनत से। सुख-सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ता है। शादी देर से या उम्र के फासले वाली। लेकिन एक बार सेट हो जाए तो धन टिकता भी खूब है। 5. *शनि + केतु* वैराग्य का योग। मन दुनिया से कटा कटा रहता है। नौकरी, रिश्ते, घर में मन नहीं लगता। शांति के लिए तरसता है पर मिलती नहीं। अक्सर अकेलापन, डिप्रेशन जैसा फील आता है। अध्यात्म में जाए तो ही राहत मिलती है। 6. *गुरु + केतु* इसे गणेश योग या ज्ञान-मोक्ष योग कहते हैं। दुनिया से मोह हटता है। इंसान बहुत धार्मिक, ज्ञानी, अंतर्ज्ञानी होता है। पूर्वाभास की क्षमता आती है। गृहस्थी में मन कम, तीर्थ, मंदिर, धाम में शांति मिलती है। गुरु अच्छा हो तो बड़ा संत या सलाहकार बनाता है। *नोट*: युति का असर भाव, राशि, डिग्री और दृष्टि पर भी निर्भर करता है। सिर्फ युति से पूरा फल नहीं तय होता। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟