Sharique Ahmed
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श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की पुण्यतिथि पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि एवं देशवासियों से एक अपील
8 जुलाई को पूरे देश में श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की पुण्यतिथि जिस सम्मान, श्रद्धा और आत्मीयता के साथ मनाई गई, उसने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सच्चे जननेता कभी इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे करोड़ों लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहते हैं। देश के कोने-कोने में लोगों ने उन्हें याद किया, श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को नमन किया। यही किसी महान व्यक्तित्व के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
बिहार के राजगीर में आयोजित ऐतिहासिक तीन दिवसीय सम्मेलन का वह दृश्य आज भी मेरी स्मृतियों में ताज़ा है, जब चंद्रशेखर जी स्वयं मुख्य द्वार पर खड़े होकर लोगों से भोजन कूपन लेकर उन्हें सम्मानपूर्वक अंदर भेज रहे थे। एक पूर्व प्रधानमंत्री होकर भी उनमें न अहंकार था, न दिखावा। उनकी सादगी, विनम्रता, अनुशासन और जनसेवा की भावना उन्हें असाधारण बनाती थी। उन्होंने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ सत्ता नहीं, बल्कि सेवा होता है।
8 जुलाई को पूरे देश में उनकी पुण्यतिथि जिस प्रकार मनाई गई, उससे यह स्पष्ट हो गया कि जिन्होंने अपना जीवन जनता के लिए समर्पित किया, उन्हें देश कभी नहीं भूलता। यही उनके महान व्यक्तित्व और जनसेवा का सबसे बड़ा प्रमाण है।
आज, 9 जुलाई को, मैं पूरे देश के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रत्येक नागरिक से हाथ जोड़कर विनम्र अपील करता हूँ कि अपना जीवन और अपने कर्म ऐसे बनाइए कि आपके इस दुनिया से जाने के बाद भी लोग आपको सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता के साथ याद करें। कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे आने वाली पीढ़ियाँ आपको भूल जाएँ, आपकी पुण्यतिथि पर कोई श्रद्धांजलि देने न आए, आपका जन्मदिवस कोई न मनाए, या लोग आपके नाम का सम्मान करने के बजाय आपकी आलोचना करें। मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान उसका पद नहीं, बल्कि उसके कर्म होते हैं।
आज जब देश अनेक सामाजिक, आर्थिक और मानवीय चुनौतियों से गुजर रहा है, तब हमें ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो गरीब, किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े और समाज के अंतिम व्यक्ति के दुःख को अपना दुःख समझे। यही चंद्रशेखर जी की राजनीति का मूल संदेश था।
आइए, हम सब मिलकर उनके सादगी, ईमानदारी, जनसेवा, सहनशीलता और मानवता के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विनम्र श्रद्धांजलि।
प्रिंस मलिक
Social Activist & Global Leader
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