Pt Vinod Pandey 🚩
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🔱 चतुर्दशी व आर्द्रा योग: शिव आराधना से मारकेश शांति 🚩
रिक्ता, क्रूरा व उग्रा नाम से विख्यात कृष्ण पक्ष की यह चतुर्दशी तिथि अशुभ फलदायिनी मानी गई है, जिसके स्वामी स्वयं भगवान शिव हैं:
अक्षय ॐकार जप: आज प्रातः 05:41 से शाम 06:49 तक चतुर्दशी-आर्द्रा योग सक्रिय है। इस अत्यंत दुर्लभ संयोग में किया गया प्रणव (ॐ) का जप साक्षात अक्षय फल प्रदान करता है। आज घर के मुख्य स्थानों पर एक शुद्ध घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। 🪔
शहद से रुद्राक्ष/शिव अभिषेक: जातक के जीवन की समस्त बाधाओं और मारकेश (मृत्यु तुल्य कष्ट) दशा की शांति के लिए आज विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शिवलिंग का शहद से विधिवत रुद्राक्ष या रुद्राभिषेक करवाना परम कल्याणकारी सिद्ध होता है।
🌕 सोमवती अमावस्या (शाम 06:49 से आरम्भ): दरिद्रता नाशक 'श्री हरि' महाप्रयोग 💵
आज शाम से सोमवती अमावस्या का महापुण्य काल आरम्भ हो रहा है, जो सूर्यग्रहण के समान 10 लाख गुना फलदायी माना गया है। घर की घोर दरिद्रता और पैसों की तंगी को मिटाने के लिए यह उपाय अचूक है:
तुलसी 108 प्रदक्षिणा: सोमवती अमावस्या के इस पावन कालखंड में तुलसी माता की 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय निरंतर 'श्री हरि.... श्री हरि.... श्री हरि....' का मानसिक जप करें (यहाँ 'श्री' का अर्थ सम्पदा और 'हरि' का अर्थ भगवान नारायण की करुणा है)।
संयुक्त महाप्रयोग: यदि सामर्थ्य हो तो तुलसी परिक्रमा के साथ-साथ ॐकार (ॐ) का शांत जप करें और सूर्य नारायण को अर्घ्य दें; इस संयुक्त प्रयोग से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और व्यापार व नौकरी की विफलताएं दूर होती हैं।
🔥 धन-धान्य व सुख-संपदा प्रदायक 'अमावस्या लघु आहुति प्रयोग' 🍛
प्रत्येक अमावस्या को घर की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए परिवार के सभी सदस्यों को मिलकर यह छोटा सा आहुति यज्ञ अवश्य करना चाहिए:
हवन सामग्री: 1. काले तिल, 2. जौ, 3. चावल, 4. गाय का शुद्ध घी, 5. चंदन पाउडर, 6. गूगल, 7. गुड़ और 8. देशी कपूर।
विधि: किसी पात्र में कण्डा (उपला) या गौ चंदन जलाकर छोटा सा हवनकुंड तैयार कर लें। उपरोक्त 8 सामग्रियों के मिश्रण से घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर निम्नलिखित पांच देवताओं के निमित्त 1-1 मुख्य आहुति प्रदान करें: 1. ॐ कुल देवताभ्यो नमः स्वाहा 2. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः स्वाहा 3. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः स्वाहा 4. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः स्वाहा 5. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः स्वाहा
1. ॐ कुल देवताभ्यो नमः स्वाहा
2. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः स्वाहा
3. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः स्वाहा
4. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः स्वाहा
5. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः स्वाहा
⚠️ विशेष सावधानियां और कड़े शास्त्रोक्त निषेध 🚫
ब्रह्महत्या महापाप वर्जना: विष्णु पुराण के कड़े निर्देशानुसार, अमावस्या तिथि को जो कोई भी वृक्ष, लता, वनस्पति को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे साक्षात ब्रह्महत्या का घोर पाप लगता है। अतः आज प्रकृति की पूर्ण रक्षा करें। 🚫
शारीरिक व भोजन नियम: ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-38) के अनुसार, आज चतुर्दशी व अमावस्या तिथि पर स्त्री-सहवास (मैथुन) सर्वथा वर्जित है तथा आज के दिन तिल का तेल खाना और उसे शरीर पर लगाना पूरी तरह से निषिद्ध माना गया है। आज चतुर्दशी को शहद का सेवन भी सर्वथा त्याज्य है।
दिशाशूल: आज सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल प्रभावी रहता है, इसलिए इस दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। 🚩
🙏 आज का मंगल आशीर्वाद:
"गोवर्धन धरं वन्दे गोपालं गोप रुपिणिम्।
नारायण नारायण! जय लक्ष्मी नारायण! जय सोमनाथ महादेव! हर हर महादेव!"
चतुर्दशी-आर्द्रा नक्षत्र योग, सोमवती अमावस्या और सोमवार के इस परम पावन महासंयोग पर साक्षात देवाधिदेव महादेव, माता पार्वती, जगत के पालनहार भगवान लक्ष्मी-नारायण और सूर्य देव की संयुक्त अनुकंपा आपके जीवन से समस्त दरिद्रता, बाधाओं और दोषों का समूल नाश कर आपको अक्षय धन, उत्तम स्वास्थ्य, तीक्ष्ण बुद्धि और दीर्घायु का वरदान प्रदान करे। सिलवासा कार्यालय में आज की आपकी जन-कल्याण परामर्श यात्रा पूर्णतः मंगलमयी और सफल सिद्ध हो, पंडित जी! 🚩
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।।। नारायण नारायण ।।। जय लक्ष्मी नारायण ।।। हर हर महादेव ।।।
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