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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - साध कैर्संगि बसै थानि ऊचै$ साधू कै र्संगि भहलि ٩٤٩٥ अर्थः सच्चे महापुरुषों की संगति में रहने से मनुष्य का मानसिक मै तेरा और आध्यात्मिक स्तर बहुत ऊँचा हो जाता है। वह ' दुनियावी विकारों काम , क्रोध, लोभ मोह, अहंकार से ऊपर उठकर एक भिखारी ऊँचे स्थान यानी आत्मिक अवस्था में निवास करने लगता है। साधु के साथ जुड़ने से जीवउस महल यानी परमात्मा के जिओ निज घर सत्य स्वरूप तक पहुँच जाता है। गुरु की शिक्षा और संगति वह माध्यम है जो भटकती हुई आत्मा को सीधे ईश्वर के पहाडा द्वार तक ले जाती है। जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, वैसे ही संतों की संगति मनुष्य वाले के तुच्छ ' বিশাহী ব্ধী महानता में बदल देती है। यहाँ ऊँचा स्थान या महल कोई भौतिक इमारत नहीं, बल्कि मनकी वह अवस्था है जहाँ शांति, बाबा संतोष और परमात्मा का अनुभव होता है। ईश्वर की प्राप्ति के जी में साधु ; Hpf' या गुर एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, जो से मुक्त ' हमें माया के बंधनों ' कर सच खंड अर्थात परम सत्य की ओर ले जाते हैं। साध कैर्संगि बसै थानि ऊचै$ साधू कै र्संगि भहलि ٩٤٩٥ अर्थः सच्चे महापुरुषों की संगति में रहने से मनुष्य का मानसिक मै तेरा और आध्यात्मिक स्तर बहुत ऊँचा हो जाता है। वह ' दुनियावी विकारों काम , क्रोध, लोभ मोह, अहंकार से ऊपर उठकर एक भिखारी ऊँचे स्थान यानी आत्मिक अवस्था में निवास करने लगता है। साधु के साथ जुड़ने से जीवउस महल यानी परमात्मा के जिओ निज घर सत्य स्वरूप तक पहुँच जाता है। गुरु की शिक्षा और संगति वह माध्यम है जो भटकती हुई आत्मा को सीधे ईश्वर के पहाडा द्वार तक ले जाती है। जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, वैसे ही संतों की संगति मनुष्य वाले के तुच्छ ' বিশাহী ব্ধী महानता में बदल देती है। यहाँ ऊँचा स्थान या महल कोई भौतिक इमारत नहीं, बल्कि मनकी वह अवस्था है जहाँ शांति, बाबा संतोष और परमात्मा का अनुभव होता है। ईश्वर की प्राप्ति के जी में साधु ; Hpf' या गुर एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, जो से मुक्त ' हमें माया के बंधनों ' कर सच खंड अर्थात परम सत्य की ओर ले जाते हैं। - ShareChat