सुबह सुबह की एक हीचकी से तुम्हारी यादों का सफऱ शुरू हो जाता है,,, रोम रोम खिल जाता है करके ख्याल तुम्हारे सांवले चेहरे का,, नम आंखों संग लबों पर मुस्कान आती है,, मनमंदिर में घंटियां बजने लगती है जब सोलह श्रृंगार होता है तुम्हारे सांवले चेहरे का,, यूं निखरा है रंग तुम्हारे सांवले चेहरे का,, सुबह हुई या उजाला है तुम्हारे सांवले चेहरे का,, दिवाली सी मुस्कान, ईद सा तुम्हारा शरमा जाना,, क्या खूब है अंदाज तुम्हारे सांवले चेहरे का,, फुलों ने खिलना भी जैसे तुम्हीं से सिखा है,, हुआ है मौसम पर भी असर तुम्हारे सांवले चेहरे का,, मेरे ख्वाबों ख्यालों में बसर करता है एक चेहरा जिस ईश्वर का,, रोम रोम में नजर आता है एक साया तुम्हारे सांवले चेहरे का....... #👫 हमारी ज़िन्दगी #💑मेरे जीवनसाथी #मेरे साजन जी
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