ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - इंसान नहीं बोलता, उसके दिन बोलते हैं। जब दिन नहीं बोलते , इंसान लाख बोले नहीं सुनता। उसकी कोई इंसान नहीं बोलता, उसके दिन बोलते हैं। जब दिन नहीं बोलते , इंसान लाख बोले नहीं सुनता। उसकी कोई - ShareChat