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चौपाई संत कबीर #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "శjuకే' भरमि भरमि मूआ संसारा बिरले काहू तंतु बिचारः या जग में बहु गरूवा भयेऊ स्वर्गे आसा नरकहि गयेऊ सबै सियान मन दीन्हा कृतिम औगुन ते नहिं साहेब चीन्हा जो कहते जिव भौजल पापा जिव उन नाहिं उबारा एको  बूड़ि मरे ते भौजल माहीं आतम ज्ञान बिचारे नाहीं राम कहत मूआ संसारा आतम राम न काहू बिचारः त्रिभुवन बूझे सो जे सूझै गहिरी बानी बिरला बूझै (संत कबीर दास) Motivational Videos App Want ' "శjuకే' भरमि भरमि मूआ संसारा बिरले काहू तंतु बिचारः या जग में बहु गरूवा भयेऊ स्वर्गे आसा नरकहि गयेऊ सबै सियान मन दीन्हा कृतिम औगुन ते नहिं साहेब चीन्हा जो कहते जिव भौजल पापा जिव उन नाहिं उबारा एको  बूड़ि मरे ते भौजल माहीं आतम ज्ञान बिचारे नाहीं राम कहत मूआ संसारा आतम राम न काहू बिचारः त्रिभुवन बूझे सो जे सूझै गहिरी बानी बिरला बूझै (संत कबीर दास) Motivational Videos App Want ' - ShareChat