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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #🙏🏻माँ तुझे सलाम #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - शरी रोशनलाल ने नम तैयार किया तया मद्रास नन्दरगाह को पूर्वो  दिशा में रामपुरम् भेत्र के समुद्र तट पर रात्रि के आठ नजे नम परीक्षण  घातकता के कारणवे यह प्रयोग किसो अन्यःको का निक्षय किया करने देने को तेयार नये ।९ मई १९३३ को रात्रि निष्वित समय पर रेशनलाल अपने सायिर्यों के साप समुद्रतट पर पहुॅंचे | सागर की उत्ताल  तरंगे भयकर गर्जन कररहीरपी | कोई नाहर का व्यछि नआजाये इस आशंका सेदो साची पष्चिमो दिशा मे चोकसो करने तगे भयकर काली रत्रि में रेशनलाल हाव मे नम लिए समुद् के किनारे बढ़ते ही जा  रहेये | सहसा एक ओर जोर का पमाका हुआ  पलभर को आकाश मे निजली-सी कौप ग्ई फिर चारों ओर भुआ ठो मुआ छा गया  रोशनलाल के तोनों सायो उनके वापस लोटने को प्रतोक्षा कर रहे भोषण विस्फोट को प्वनि के कारण रामपुरम शेत्र को जनता तया  ೩ पुलिस उस ओर दोड़ पड़ी यो पूर्वी भेत्र पर तेनात सायो ने सोचा कि॰ रोशनलाल पश्चिमी भेत्र की ओर गये ठोंगे ओर रपश्चमी क्षेत्र पर तैनात सायियों ने सोचा कि पूर्वो भेत्र को ओर गये होँगे  अतएव तोनों सायो लेकिन अबवेचार नये |यह मालूम होते ही कि॰ घर लोट आये रोशनलाल वापस नर्ही आये एक सायोश्री इन्दसिंह मुनि मद्रासो का छयवेश बनाकर घटनास्यल को ओर टोड गये वहॉं उन्होंने बडा करुण दृश्य देखा  गिरजाघर के सामने पुलिस के सख्त पहरे मे रेशनलाल का क्षतविक्षत शरोर पडा या दाहिना हाय शरोर से पृयक हो चुका या | बम के टुकडे शरोर में गहराई से प्रवेश कर  गयेये तथा स्यान-्स्यान से रळ निकल रहाया पुलिस के पहरे से लाना उन्रें सम्भव नः जान पडा अतएव इन्द्रसिंट तोट आय रेशनलाल की सॉस अभी मन्द गति सेचल रहीयो | उन्हें मदरास के सार्वजनिक अस्पताल मे भेजा गया | एकन्दो चार रोश आने पर उन्होने पानो माँगा पर अयिकारी यहो कहते रहेकि पहते अपना ओर अपने मित्रो का पता बता दो तभी पानो देँगे | वह वोर पुरुष प्यास से तड़फता रहा, परन्तु मरते समय तक भो उसने संगठन का कोई भेद न जीवन पु्प कग़ा मोले भग ९ ) रौशन लाल बलिदान पर्व मई १९३३ 1 +000 शरी रोशनलाल ने नम तैयार किया तया मद्रास नन्दरगाह को पूर्वो  दिशा में रामपुरम् भेत्र के समुद्र तट पर रात्रि के आठ नजे नम परीक्षण  घातकता के कारणवे यह प्रयोग किसो अन्यःको का निक्षय किया करने देने को तेयार नये ।९ मई १९३३ को रात्रि निष्वित समय पर रेशनलाल अपने सायिर्यों के साप समुद्रतट पर पहुॅंचे | सागर की उत्ताल  तरंगे भयकर गर्जन कररहीरपी | कोई नाहर का व्यछि नआजाये इस आशंका सेदो साची पष्चिमो दिशा मे चोकसो करने तगे भयकर काली रत्रि में रेशनलाल हाव मे नम लिए समुद् के किनारे बढ़ते ही जा  रहेये | सहसा एक ओर जोर का पमाका हुआ  पलभर को आकाश मे निजली-सी कौप ग्ई फिर चारों ओर भुआ ठो मुआ छा गया  रोशनलाल के तोनों सायो उनके वापस लोटने को प्रतोक्षा कर रहे भोषण विस्फोट को प्वनि के कारण रामपुरम शेत्र को जनता तया  ೩ पुलिस उस ओर दोड़ पड़ी यो पूर्वी भेत्र पर तेनात सायो ने सोचा कि॰ रोशनलाल पश्चिमी भेत्र की ओर गये ठोंगे ओर रपश्चमी क्षेत्र पर तैनात सायियों ने सोचा कि पूर्वो भेत्र को ओर गये होँगे  अतएव तोनों सायो लेकिन अबवेचार नये |यह मालूम होते ही कि॰ घर लोट आये रोशनलाल वापस नर्ही आये एक सायोश्री इन्दसिंह मुनि मद्रासो का छयवेश बनाकर घटनास्यल को ओर टोड गये वहॉं उन्होंने बडा करुण दृश्य देखा  गिरजाघर के सामने पुलिस के सख्त पहरे मे रेशनलाल का क्षतविक्षत शरोर पडा या दाहिना हाय शरोर से पृयक हो चुका या | बम के टुकडे शरोर में गहराई से प्रवेश कर  गयेये तथा स्यान-्स्यान से रळ निकल रहाया पुलिस के पहरे से लाना उन्रें सम्भव नः जान पडा अतएव इन्द्रसिंट तोट आय रेशनलाल की सॉस अभी मन्द गति सेचल रहीयो | उन्हें मदरास के सार्वजनिक अस्पताल मे भेजा गया | एकन्दो चार रोश आने पर उन्होने पानो माँगा पर अयिकारी यहो कहते रहेकि पहते अपना ओर अपने मित्रो का पता बता दो तभी पानो देँगे | वह वोर पुरुष प्यास से तड़फता रहा, परन्तु मरते समय तक भो उसने संगठन का कोई भेद न जीवन पु्प कग़ा मोले भग ९ ) रौशन लाल बलिदान पर्व मई १९३३ 1 +000 - ShareChat