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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - ईद उल अज़हा अगर कोई पूछे के तुम ईद उल अज़हा क्यों मनाते हो तो सिर्फ यह के कुर्बानी करते हैं सुन्नत है उसे इब्राहीम >JI Alc की मत कहना कहानी सुनाना... एक बाप था जिसने सारी ज़िंदगी अल्लाह से औलाद मांगी, साल गए... बुढ़ापा आ गया लेकिन दुआ नहीं छोड़़ी फिर अल्लाह गुज़रते ने उन्हें एक बेटा अता किया مالسلا ەیلع सोचो जिस बच्चे को पाने के लिए पूरी ज़िंदगी दुआ की वो बच्चा  कितना अज़ीज़ होगा... लेकिन फिर एक रात अल्लाह ने इब्राहिम PSJI ८c को ख्वाब दिखाया, के अपनी सबसे प्यारी चीज़ में कुर्बान करदो और वो समझ गए के अल्लाह अल्लाह की राह उनसे उनका बेटा मांग रहा है, अब ज़रा सोचो एक बाप के दिल पर होगी लेकिन अल्लाह से मोहब्बत इतनी थी के उन्होंने गुज़री क्या को चुना. . अपनी ख्वाहिश से ज़्यादा अल्लाह की रज़ा जब वो इस्माइल PUJI ८cको लेकर निकले तो बेटा भी अजीब था, यह नहीं कहा बाबा मुझे बचाइए उन्होंने कहा बाबा आप वही कीजिए जिसका अल्लाह ने आपको हुकुम दिया है यह सिर्फ कुर्बानी नहीं थी यह यक़ीन था तवक्कुल था अल्लाह से मोहब्बत थी और जब alc ने अपने बेटे को इब्राहीम करने का इरादा किया कुर्बान مالسلا ম ব্ুবা तो अल्लाह से आसमान भेज दिया क्योंकि अल्लाह खून नहीं देखना चाहता था अल्लाह उनका दिल देखना चाहता था तब से हम ईद उल अज़हा मनाते हैं ताकि हमें याद रहे अल्लाह के लिए कभी कभी अपनी सबसे प्यारी चीज़ भी॰ करनी पड़ती है अपना कुर्बान ९g० अपनी हराम मोहब्बत अपनी बुरी आदतें अपना तकब्बुर असल जानवर की नहीं नफ़्स की होती है इसे शेयर जरूर करें। कुर्बानी Short story ईद उल अज़हा अगर कोई पूछे के तुम ईद उल अज़हा क्यों मनाते हो तो सिर्फ यह के कुर्बानी करते हैं सुन्नत है उसे इब्राहीम >JI Alc की मत कहना कहानी सुनाना... एक बाप था जिसने सारी ज़िंदगी अल्लाह से औलाद मांगी, साल गए... बुढ़ापा आ गया लेकिन दुआ नहीं छोड़़ी फिर अल्लाह गुज़रते ने उन्हें एक बेटा अता किया مالسلا ەیلع सोचो जिस बच्चे को पाने के लिए पूरी ज़िंदगी दुआ की वो बच्चा  कितना अज़ीज़ होगा... लेकिन फिर एक रात अल्लाह ने इब्राहिम PSJI ८c को ख्वाब दिखाया, के अपनी सबसे प्यारी चीज़ में कुर्बान करदो और वो समझ गए के अल्लाह अल्लाह की राह उनसे उनका बेटा मांग रहा है, अब ज़रा सोचो एक बाप के दिल पर होगी लेकिन अल्लाह से मोहब्बत इतनी थी के उन्होंने गुज़री क्या को चुना. . अपनी ख्वाहिश से ज़्यादा अल्लाह की रज़ा जब वो इस्माइल PUJI ८cको लेकर निकले तो बेटा भी अजीब था, यह नहीं कहा बाबा मुझे बचाइए उन्होंने कहा बाबा आप वही कीजिए जिसका अल्लाह ने आपको हुकुम दिया है यह सिर्फ कुर्बानी नहीं थी यह यक़ीन था तवक्कुल था अल्लाह से मोहब्बत थी और जब alc ने अपने बेटे को इब्राहीम करने का इरादा किया कुर्बान مالسلا ম ব্ুবা तो अल्लाह से आसमान भेज दिया क्योंकि अल्लाह खून नहीं देखना चाहता था अल्लाह उनका दिल देखना चाहता था तब से हम ईद उल अज़हा मनाते हैं ताकि हमें याद रहे अल्लाह के लिए कभी कभी अपनी सबसे प्यारी चीज़ भी॰ करनी पड़ती है अपना कुर्बान ९g० अपनी हराम मोहब्बत अपनी बुरी आदतें अपना तकब्बुर असल जानवर की नहीं नफ़्स की होती है इसे शेयर जरूर करें। कुर्बानी Short story - ShareChat