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#GodMorningMonday #दुर्लभ_दर्शन_संत_के करलो किस्मत वालों . #गीता_तेरा_ज्ञान_अमृत ♦️गीता अध्याय 7 का श्लोक 20 उन-उन भोगों की कामना द्वारा जिनका ज्ञान हरा जा चुका है वे लोग अज्ञान रूप अंधकार वाले नियम के आश्रय से अन्य देवताओं को पूजते हैं। ♦️गीता अध्याय 2 का श्लोक 17 नाशरहित तो उसको जान (येन्) जिसका विनाश करने में कोई भी समर्थ नहीं है। पूर्ण परमात्मा अविनाशी है, वो कभी मरता नहीं। ♦️गीता अध्याय 2 का श्लोक 19 पूर्ण प्रभु दयालु है वह किसी को मारता नहीं। जो कहे कि आत्मा मरती है व पूर्ण परमात्मा किसी को मारता है, वे दोनों ही अज्ञानी हैं। श्रीमद्भगवत गीता का ज्ञान श्री कृष्ण ने नहीं बोला, यह तो श्री कृष्ण जी के शरीर में प्रेतवत प्रवेश होकर ब्रह्म ने बोला था। ♦️गीता अध्याय 18 श्लोक 66 का भावार्थ है कि गीता ज्ञान दाता ने अपने से अन्य परमेश्वर की शरण में जाने के लिए कहा है। व्रज का अर्थ जाना है, परंतु संत रामपाल जी महाराज जी के अतिरिक्त सर्व अनुवादकों ने ‘‘व्रज’’ का अर्थ आना किया है। ♦️गीता अध्याय 5:25 तत्वदर्शी संत से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार साधना करने से जिनके सब पाप नष्ट हो गए हैं वह सब प्राणियों का हितैषी होता है। वह सत्य भक्ति व शुभ कर्म करने वाला साधक सुखदायी परमात्मा सतपुरूष को प्राप्त होते हैं। ♦️गीता अध्याय 17 श्लोक 23 ऊँ, तत्, सत्, इति, निर्देशः, ब्रह्मणः, त्रिविधः, स्मृतः ब्राह्मणाः, तेन, वेदाः, च, यज्ञाः, च विहिताः, पुरा।। सच्चिदानंद घन ब्रह्म की भक्ति का मन्त्र ‘‘ऊँ तत् सत्‘‘ है। इन तीनों मंत्रों के जाप से परम गति प्राप्त होगी। ♦️गीता अध्याय 5 का श्लोक 6 शास्त्रविधि रहित साधना के कारण दुःख ही प्राप्त होता है तथा शास्त्रानुकूल साधना से साधक प्रभु को अविलम्ब ही प्राप्त हो जाता है। ♦️गीता अध्याय 6 का श्लोक 16 भक्ति न तो एकान्त स्थान पर विशेष आसन या मुद्रा में बैठने से तथा न ही अत्यधिक खाने वाले की और न बिल्कुल न खाने वाले अर्थात् व्रत रखने वाले की तथा न ही बहुत शयन करने वाले की तथा न ही हठ करके अधिक जागने वाले की सिद्ध होती है। ♦️गीता अध्याय 10 का श्लोक 33, मैं अक्षरों में ओंकार हूँ। समाप्त न होने वाला काल तथा सब ओर मुखवाला विराट्स्वरूप धारण करनेवाला भी मैं ही हूँ। अध्याय 11:32 में भी गीता ज्ञान दाता स्वयं कहता है कि मैं काल हूँ। आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे। संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं। Sant Rampal Ji Maharaj #कबीर
कबीर - NEIS शत शमपाल णी महाशज श्रीमद्यवत गीता के अध्याय 9 श्लोक २५ में ऐसा क्यों कहा गया हैकिजो पितर भूत   अधिक जामकारी फेरिए निःयूरक 3a हैँंग उ्हींकोपाप्तहोंगे३ देवता ~04.-- पूनते பப்பu5 CSATLOHCHANNEL SAEWSCHANMEL 5A HEV5 CHAHHEL OSAHEVSCKAHHLL  supnrhtoon Ono NEIS शत शमपाल णी महाशज श्रीमद्यवत गीता के अध्याय 9 श्लोक २५ में ऐसा क्यों कहा गया हैकिजो पितर भूत   अधिक जामकारी फेरिए निःयूरक 3a हैँंग उ्हींकोपाप्तहोंगे३ देवता ~04.-- पूनते பப்பu5 CSATLOHCHANNEL SAEWSCHANMEL 5A HEV5 CHAHHEL OSAHEVSCKAHHLL  supnrhtoon Ono - ShareChat