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भजन अब्दुल समद #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - Muidi साधो क्यूँ तूँ रब का नाम बिसारे रब के बिसारे से ऐन बाजी हारे रब के बिसारे से ऐन बाजी हारे जाय के गढ पर तोप ध्यान धर ग्यान का गोला डारे प्रीत को रंजक दे कर साधो तकन्तक बैरी को मारे फ़ौज पाप औ तोप भूल की गरम का गोला भर के माया अगिन से देके फलीता वैरी गढ को जारे दोनों दल में जुद्ध पड़ा है विरहा सूर लड़ा है ऐसे सूर के बल जा मस्ता दल बैरी को గెగ काम क्रोध उठा कर वीरा ज्ञान को मारूँ आले विरह का ले कर मस्ता इन दोनों बान को मारे (अब्दुल समद) Want . Motivational Videos App Muidi साधो क्यूँ तूँ रब का नाम बिसारे रब के बिसारे से ऐन बाजी हारे रब के बिसारे से ऐन बाजी हारे जाय के गढ पर तोप ध्यान धर ग्यान का गोला डारे प्रीत को रंजक दे कर साधो तकन्तक बैरी को मारे फ़ौज पाप औ तोप भूल की गरम का गोला भर के माया अगिन से देके फलीता वैरी गढ को जारे दोनों दल में जुद्ध पड़ा है विरहा सूर लड़ा है ऐसे सूर के बल जा मस्ता दल बैरी को గెగ काम क्रोध उठा कर वीरा ज्ञान को मारूँ आले विरह का ले कर मस्ता इन दोनों बान को मारे (अब्दुल समद) Want . Motivational Videos App - ShareChat