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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं असन बसन सुत नारि सुख, पापिहुँ के घर होइ संत समागम रामधन, 'तुलसी' दोइ दुर्लभ #-td तो पापी के घर में भी हो सकते हैं; वस्त्र, पुत्र और भोजन, धन की प्राप्ति ये पर सज्जनों का समागम भगवान् और राम रूपी दोनों बड़े दुर्लभ हैं। भाव यह है कि जिसके बड़े भाग्य होते हैं उसे भगवद्भक्ति तथा सज्जन की संगति प्राप्त होती है। पुरुषों हरि शरणं असन बसन सुत नारि सुख, पापिहुँ के घर होइ संत समागम रामधन, 'तुलसी' दोइ दुर्लभ #-td तो पापी के घर में भी हो सकते हैं; वस्त्र, पुत्र और भोजन, धन की प्राप्ति ये पर सज्जनों का समागम भगवान् और राम रूपी दोनों बड़े दुर्लभ हैं। भाव यह है कि जिसके बड़े भाग्य होते हैं उसे भगवद्भक्ति तथा सज्जन की संगति प्राप्त होती है। पुरुषों - ShareChat