ShareChat
click to see wallet page
search
#⚓ SELFISH-AGENDA ⚓ #👁️ ठनठनिया-जंक्शन 👁️ #⚓अनमोल-बातें⚓ #⚓सच्चाई⚓ #⚓यही सच है⚓
⚓ SELFISH-AGENDA ⚓ - झुकना न सीखिए झूकना न सीखिए ब़ड़े दरबार देखकर, देखकर। औक़ात   खुल गए कई R तख़्तों   के पास जा के कई लोग मिट गए, देखकर| मुस्कुरा दिए उन्हें हम लाचार कुछ  लोग बेच आए ज़मीरों की   रोशनी, अशआर  देखकर। মিলন रहे   उन्हें कई अहल-ए॰्वफ़ा को मिल न सकी उम्र भर जगह, दर   खुल गए हर एक अदाकार देखकर। दौर ए-उसूल   पूछता फिरता है किसलिए, ख़रीदार   देखकर। रहा है बिक क़ानून किसी झुूठ  की तरफ़, #7 ஈகி सलाम बैठे   रहे अदब   से मगर हार देखकर। और कुछ, तहज़ीब का लिबास था, अंदर था किरदार हैरत چقو/ हुई जनाब क हर फ़ैसला हक़ीक़त एन्हालात   पर न 21, दिए कुछ लोग चल फ़क़त अख़बार देखकर। 'विशू सोने के ताज ये सर  झुकेगा पर ना दरबार   देखकर। है   हमें कटना गवारा झुकना न सीखिए झूकना न सीखिए ब़ड़े दरबार देखकर, देखकर। औक़ात   खुल गए कई R तख़्तों   के पास जा के कई लोग मिट गए, देखकर| मुस्कुरा दिए उन्हें हम लाचार कुछ  लोग बेच आए ज़मीरों की   रोशनी, अशआर  देखकर। মিলন रहे   उन्हें कई अहल-ए॰्वफ़ा को मिल न सकी उम्र भर जगह, दर   खुल गए हर एक अदाकार देखकर। दौर ए-उसूल   पूछता फिरता है किसलिए, ख़रीदार   देखकर। रहा है बिक क़ानून किसी झुूठ  की तरफ़, #7 ஈகி सलाम बैठे   रहे अदब   से मगर हार देखकर। और कुछ, तहज़ीब का लिबास था, अंदर था किरदार हैरत چقو/ हुई जनाब क हर फ़ैसला हक़ीक़त एन्हालात   पर न 21, दिए कुछ लोग चल फ़क़त अख़बार देखकर। 'विशू सोने के ताज ये सर  झुकेगा पर ना दरबार   देखकर। है   हमें कटना गवारा - ShareChat