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#भक्ति लोक
भक्ति लोक - भोजन और भजन" एक सेठ के घर के बाहर खडा होकर भजन गा रहा था और बदले में खाने को रोटी मांग रहा था। सेठानी काफी देर से उसको कह रही थी, आ रही हूँ। रोटी हाथ मे थी पर फिर भी कह रही थी की रुको आ रही हूँ। भिखारी भजन गा रहा था और रोटी मांग रहा था। सेठ ये सब देख रहा था, पर समझ नही पा रहा था, आखिर सेठानी से "रोटी हाथ में लेकर खडी हो, वो बाहर मांग रहा है॰ उसे कह रही हो बोला आ रही हूँ तो उसे रोटी क्यो नहीं दे रही हो ?" सेठानी बोली, " हाँ रोटी दूँगी, है ना की मुझे उसका भजन बहुत प्यारा लग रहा हैं, अगर उसको पर क्या रोटी दूँगी तो वो आगे चला जायेगा| मुझे उसका भजन और सुनना है।"  नहीं सुन रहे हैं तो समझना की उस  यदि प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी सेठानी की तरह प्रभु को आपकी प्रार्थना प्यारी लग रही है॰ इसलिये इंतआार करो और प्रार्थना करते रहो। भी दुख जीवन मे कैसा और कष्ट आये पर भक्ति मत छोड़िए। क्या कष्ट आता है तो आप भोजन करना छोड देते हैं? क्या बीमारी आती है तो आप सांस लेना छोड देते हैं? नही ना? फिर जरा सी तकलीफ आने पर आध छोड़ देते हो ? भक्ति करना क्यों कभी भी दो चीज मत छोड़िये , भजन और भोजन। भोजन छोड़ दोगे तो जिंदा नहीं रहोगे , भजन छोड़ दोगे तो कहीं के नही रहोगे। सही मायने में औ ! रज्न दोन्ों डी ३ग़ग्वःएक ौैं! Gqு 14ு $ <& బన भोजन और भजन" एक सेठ के घर के बाहर खडा होकर भजन गा रहा था और बदले में खाने को रोटी मांग रहा था। सेठानी काफी देर से उसको कह रही थी, आ रही हूँ। रोटी हाथ मे थी पर फिर भी कह रही थी की रुको आ रही हूँ। भिखारी भजन गा रहा था और रोटी मांग रहा था। सेठ ये सब देख रहा था, पर समझ नही पा रहा था, आखिर सेठानी से "रोटी हाथ में लेकर खडी हो, वो बाहर मांग रहा है॰ उसे कह रही हो बोला आ रही हूँ तो उसे रोटी क्यो नहीं दे रही हो ?" सेठानी बोली, " हाँ रोटी दूँगी, है ना की मुझे उसका भजन बहुत प्यारा लग रहा हैं, अगर उसको पर क्या रोटी दूँगी तो वो आगे चला जायेगा| मुझे उसका भजन और सुनना है।"  नहीं सुन रहे हैं तो समझना की उस  यदि प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी सेठानी की तरह प्रभु को आपकी प्रार्थना प्यारी लग रही है॰ इसलिये इंतआार करो और प्रार्थना करते रहो। भी दुख जीवन मे कैसा और कष्ट आये पर भक्ति मत छोड़िए। क्या कष्ट आता है तो आप भोजन करना छोड देते हैं? क्या बीमारी आती है तो आप सांस लेना छोड देते हैं? नही ना? फिर जरा सी तकलीफ आने पर आध छोड़ देते हो ? भक्ति करना क्यों कभी भी दो चीज मत छोड़िये , भजन और भोजन। भोजन छोड़ दोगे तो जिंदा नहीं रहोगे , भजन छोड़ दोगे तो कहीं के नही रहोगे। सही मायने में औ ! रज्न दोन्ों डी ३ग़ग्वःएक ौैं! Gqு 14ு $ <& బన - ShareChat