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Manish - Author on ShareChat
Manish
3K views • 2 months ago
Supreme Court - supreme court ne kaha mahilao ko homecare ke bajay nation bildar kahna chahiye #supreme court
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा, ' गृहिणी को होममेकर के बजाय नेशन बिल्डर कहना चाहिए।' कोर्ट की यह टिप्पणी दुर्घटना में महिला की मौत से जुड़े एक मुआवजा केस में आई। कोर्ट ने सुप्रीम कहा कि जब किसी दुर्घटना के कारण गृहिणी की मौत हो जाती है, तब उसका मुआवजा तय करते उसके योगदान का आकलन जरूरी है। कोर्ट ने कहा, 'एक गृहिणी का काम केवल खाना बनाना, सुप्रीम बच्चों की देखभाल और घर संभालना नहीं है। वह परिवार की नींव को मजबूत बनाती है, अगली पीढ़ी तैयार करती है। '  जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह इसके बाद जस्टिस संजय करोल और की बेंच ने दुर्घटना की शिकार गृहणियों के मामले में एक नई गाइडलाइन जारी की। कहा कि ३० हजार रुपए महीना के हिसाब से मुआवजा तय किया जाना चाहिए। इसके बाद बीमा कंपनी को मामले में पति को अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया। इस GAld एक गृहिणी के घर के काम की वैल्यू " निकाली जाए तो उसकी अनुमानित : आय ३० हजार रुपए प्रतिमाह बनती है। इसलिए बीमा कंपनियों को दुर्घटना मुआवजा तय करते समय उनके योगदान को केवल सांकेतिक या कम करके नहीं आंका जा सकता। कोर्ट सुप्रीम  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा, ' गृहिणी को होममेकर के बजाय नेशन बिल्डर कहना चाहिए।' कोर्ट की यह टिप्पणी दुर्घटना में महिला की मौत से जुड़े एक मुआवजा केस में आई। कोर्ट ने सुप्रीम कहा कि जब किसी दुर्घटना के कारण गृहिणी की मौत हो जाती है, तब उसका मुआवजा तय करते उसके योगदान का आकलन जरूरी है। कोर्ट ने कहा, 'एक गृहिणी का काम केवल खाना बनाना, सुप्रीम बच्चों की देखभाल और घर संभालना नहीं है। वह परिवार की नींव को मजबूत बनाती है, अगली पीढ़ी तैयार करती है। '  जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह इसके बाद जस्टिस संजय करोल और की बेंच ने दुर्घटना की शिकार गृहणियों के मामले में एक नई गाइडलाइन जारी की। कहा कि ३० हजार रुपए महीना के हिसाब से मुआवजा तय किया जाना चाहिए। इसके बाद बीमा कंपनी को मामले में पति को अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया। इस GAld एक गृहिणी के घर के काम की वैल्यू " निकाली जाए तो उसकी अनुमानित : आय ३० हजार रुपए प्रतिमाह बनती है। इसलिए बीमा कंपनियों को दुर्घटना मुआवजा तय करते समय उनके योगदान को केवल सांकेतिक या कम करके नहीं आंका जा सकता। कोर्ट सुप्रीम
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  • Chandra..Surya.. Shiva..Sai..K..Tejus... - Author on ShareChat
    Chandra..Surya.. Shiva..Sai..K..Tejus...
    ##BalrajSinghMalik#virul#speach#jantar mantar# #supreme court #judiciary ##student protest #संवैधानिक आरक्षण हमारा मूल भूत अधिकार है #freedom of speech#
    BalrajSinghMalik, virul
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  • Manish - Author on ShareChat
    Manish
    Supreme Court me judge ki sankhya badkar 34 se 38 hui #judge #supreme court
    जब संसद का हर मिनट करीब ढाई लाख रुपए का पड़ता हो, तब हंगामे की कीमत सिर्फ राजनीतिक नहीं, आर्थिक भी होती है। सत्र के कुल २५ दिनों में से १५ दिन बीत चुके हैं, लेकिन मानसून अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब दोनों सदनों की कार्यवाही बिना रोकनटोक के चल पाई हो। सोमवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, शोर-शराबे के बीच दोनों सदनों में अहम विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गए। लोकसभा की कार्यवाही सुबह ११ बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही महज 3 मिनट बाद स्थगित हो गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। दोपहर १२ बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदस्यों से जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा, लेकिन विपक्ष की नारेबाजी जारी रही। इसी दौरान भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, २०२६ पेश किया गया। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, २०२६ सदन में पेश किया। हालांकि, विपक्ष का हंगामा जारी रहा। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय ( संशोधन) विधेयक, २०२६ चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इस दौरान कांग्रेस , समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसद मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के रम मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके साथ ही कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल जजों सुप्रीम ; की संख्या ३४ से बढ़कर ३८ हो गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह ११ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जब संसद का हर मिनट करीब ढाई लाख रुपए का पड़ता हो, तब हंगामे की कीमत सिर्फ राजनीतिक नहीं, आर्थिक भी होती है। सत्र के कुल २५ दिनों में से १५ दिन बीत चुके हैं, लेकिन मानसून अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब दोनों सदनों की कार्यवाही बिना रोकनटोक के चल पाई हो। सोमवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, शोर-शराबे के बीच दोनों सदनों में अहम विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गए। लोकसभा की कार्यवाही सुबह ११ बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही महज 3 मिनट बाद स्थगित हो गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। दोपहर १२ बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदस्यों से जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा, लेकिन विपक्ष की नारेबाजी जारी रही। इसी दौरान भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, २०२६ पेश किया गया। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, २०२६ सदन में पेश किया। हालांकि, विपक्ष का हंगामा जारी रहा। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय ( संशोधन) विधेयक, २०२६ चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इस दौरान कांग्रेस , समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसद मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के रम मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके साथ ही कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल जजों सुप्रीम ; की संख्या ३४ से बढ़कर ३८ हो गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह ११ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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  • Satyarth Tiwari - Author on ShareChat
    Satyarth Tiwari
    सुप्रीम कोर्ट को गाली देना कितना उचित है❓️ . #satyarthrtiwari #SupremeCourtIndia #supreme court #सुप्रीम कोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट को गाली देना कितना उचित है
., satyarthrtiwari
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  • NANDKUMAR WAMAN PATIL - Author on ShareChat
    NANDKUMAR WAMAN PATIL
    सुप्रीम कोर्टाने हरिष राणाला इच्छा मारण्याची परवानगी दिली #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏भक्ती स्पेशल 😇🌺🌹 (TechZor) 🇮🇳 ##love #supreme court #शेअर चाट मराठी
    सुप्रीम कोर्टाने हरिष राणाला इच्छा मारण्याची परवानगी दिली, आध्यात्मिकता
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