ShareChat
click to see wallet page
search
#islam guide us in every field of life #सोचने वाली बात #*let us understand our religion #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #points to ponder
islam guide us in every field of life - (२) हदीसः जामी अत-तिर्मिज़ी 1922* *जरीर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः* "जो इंसान लोगों पर दया (रहम) नहीं करता, अल्लाह भी उस पर दया नहीं फरमाता । " *दर्जाः* सहीह (दारुस्सलाम) (३) हदीसः जामी अतनतिर्मिज़ी 1920* *अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः* "वह शख्स हममें से नहीं है जो हमारे छो्टों पर रहम नहीं करता, और न ही हमारे बड़ों के मर्तबे (सम्मान) को पहचानता है।" *दर्जाः* हसन (दारुस्सलाम) 5/6/26 * 10:17 am (२) हदीसः जामी अत-तिर्मिज़ी 1922* *जरीर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः* "जो इंसान लोगों पर दया (रहम) नहीं करता, अल्लाह भी उस पर दया नहीं फरमाता । " *दर्जाः* सहीह (दारुस्सलाम) (३) हदीसः जामी अतनतिर्मिज़ी 1920* *अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः* "वह शख्स हममें से नहीं है जो हमारे छो्टों पर रहम नहीं करता, और न ही हमारे बड़ों के मर्तबे (सम्मान) को पहचानता है।" *दर्जाः* हसन (दारुस्सलाम) 5/6/26 * 10:17 am - ShareChat