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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - मेरा दिमाग कभी शांत नहीं रहता कहूँ तो, 4 मेरा दिमाग कभी भी शांत नहीं रहता हैं। बाहर से चाहे मैं कितना भी normal दिखूँ, लेकिन अंदर..? हर वक्त कुछ ना कुछ, चलता ही रहता है। बातें , तो कभी अधूरे सवाल, कभी पुरानी कभी- कभी तो उसकी ही ख्याल, जिनका कोई मतलब भी नहीं होता। रात को जब सब सो जाते हैं ना, तब मेरा दिमाग सबसे ज़्यादा जागता है। आँखें बंद करता हूँ तो ऐसा लगता है। जैसे हजारों आवाज़ें एक साथ बोल रही हों। मैं खुद को समझाने की कोशिश करता हूँ, फोन चलाता हूँ, गाने भी सुनता हूँ॰ लोगों से बात भी कर लेता हूँ | लेकिन कुछ देर बाद फिर वही बेचैनी लौट आती है। 84833,| মনব্ধী লনা लेकिन सच तो ये होता हैं। कि मैं हर रोज़ अपने ही दिमाग से लड़ रहा होता हूँ इतना सोचते - सोचते। থক্ধ যমা ৪ু, যা২ कभी-कभी बस मन करता है, कि थोड़ी देर g के सब कुछ रुक जाए। भागदौड़, ये ख्याल, ये शोर, ये अंदर की क्योंकि अब मुझे खुद के अंदर भी सुकून नहीं मिलता हैं। मेरा दिमाग कभी शांत नहीं रहता कहूँ तो, 4 मेरा दिमाग कभी भी शांत नहीं रहता हैं। बाहर से चाहे मैं कितना भी normal दिखूँ, लेकिन अंदर..? हर वक्त कुछ ना कुछ, चलता ही रहता है। बातें , तो कभी अधूरे सवाल, कभी पुरानी कभी- कभी तो उसकी ही ख्याल, जिनका कोई मतलब भी नहीं होता। रात को जब सब सो जाते हैं ना, तब मेरा दिमाग सबसे ज़्यादा जागता है। आँखें बंद करता हूँ तो ऐसा लगता है। जैसे हजारों आवाज़ें एक साथ बोल रही हों। मैं खुद को समझाने की कोशिश करता हूँ, फोन चलाता हूँ, गाने भी सुनता हूँ॰ लोगों से बात भी कर लेता हूँ | लेकिन कुछ देर बाद फिर वही बेचैनी लौट आती है। 84833,| মনব্ধী লনা लेकिन सच तो ये होता हैं। कि मैं हर रोज़ अपने ही दिमाग से लड़ रहा होता हूँ इतना सोचते - सोचते। থক্ধ যমা ৪ু, যা২ कभी-कभी बस मन करता है, कि थोड़ी देर g के सब कुछ रुक जाए। भागदौड़, ये ख्याल, ये शोर, ये अंदर की क्योंकि अब मुझे खुद के अंदर भी सुकून नहीं मिलता हैं। - ShareChat