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#GodNightTuesday #Kisan_Majdoor_Bachao_Abhiyan #बाढ़_का_स्थाई_समाधान_Phase2 . इंसान क्यो नही। अपने मकान का नवीकरण करने के लिये जापान मे एक मकान तोडा जा रहा था। यह मकान पांच साल पहले बनकर तैयार हुआ था। तभी वहां पर काम करने वाले व्यक्तियो ने देखा कि एक छिपकली दिवार मे उसके पैरो पर किल लगने कारण वहा पर जमी पडी है। जब उन्होंने यह दृश्य देखा तो बहूत दया आई। तभी उसको ध्यान आया कि यह कील तो पहले जब पाच साल पहले मकान बना था तब ठोकी गई थी। छिपकली पांच साल से जीवित थी। दिवार के अन्दर की तरफ अन्धेरे मे और हिलढुल भी नही सकती थी।वह अविश्वासनीय असम्भव व चौकाने वाला सच था। यह समझ से परे था कि एक छिपकली पांच साल तक बिना हिले डुले कैसे रह सकती है। उन व्यक्तियों ने छिपकली अब तक क्या करती रही और कैसे भोजन प्राप्त करती रही जानने के लिये काम रोक दिया और हर गतिविधि पर नजर बनाये रखी। थोडी देर बाद एक दुसरी छिपकली मुह मे भोजन दबा कर ना जाने कहां से आ गई। उस ठुकी हुई छिपकली को खाना खिलाने लग गई। यह एक अद्भुत नजारा था। जो कि हृदय को छू गया। एक छोटा जीव पीछले पांच साल से अपने साथी को भोजन करा रहा है। मनुष्य जीवन चौरासी लाख योणिया मे श्रृष्ट माना गया है। मनुष्य ये कार्य नही करता। आज के समाज में एक व्यक्ति बिमार हो जाता है या वृध्द अवस्था मे आ जाता है तो घर वाले उससे मुह मोडना शुरू कर देते है। मनुष्य जाति मे आपसी भाईचार व सदभावना प्रायकर खत्म हो गई है। सब लोग अपने स्वार्थ के लिये दुसरो को हानी पहुचा देते है। होना वही होता है जो परमात्मा को मंजूर होता है। Sant Rampal Ji Maharaj #कबीर
कबीर - जब छिपकली कर सकती है, तो हम क्यों नहीूं? Qeep da Se जापान में घटी औरकसे नोजनाको जररत को पूर एक करता रही हे अपना काम रोक दिया।  सच्ची घटना है थोड़ी ही देर बाद पता नहीं कहा  7 छिपकली अपने मुह भें से ி गोजन दबाये उस फसी हुइ छिपकली = अपने मकान का नवीनीकरण  कोखिलाने केलिये ! उप्फ! यह दृश्य  करे केलिये एकजापानी नकानको उसके दिल को अंदर तक छू गया।  दीवारें कोतोड़ रहाथा। तमी उसने  अद्धुत ! दूसरीछिपकलीनेअपने  देखा कि दीवार के अंदरःकी तरफ साथी के बचने की उम्मीद नर्ही छोड़ी लकड़ी पर एक छिपकली , चाहर से थी॰ बह पहली छिपकली को पिछले  उसके पैर पर कील के कारण  ठका पोँच साल से भोजन करवा रही थी।  एक ही जगह पर जमा पड़ी हे।  [ಕಹಾಔಔ-ಪ್ವಾಪತಕ್" अजीब हे जब उसने यह दृश्व देखातो उसे  यह कर सकता हे दवा आई।जब उसने आगे जांच  560` प्राणी, जिसे बुद्धि नें सर्वश्रेष्ठ होने का  ಕಗೆ 'ಾ [೯೯೯ ಈಳ ri ತಗಹ್ आशोर्वाद मिला हुआ है॰ नहीं कर मकान बनते समव पांच साल पहले  ठोकी गई धी।  सकता ! कृपवा अपने प्रिय लोगों को कभी  छिपकली इस स्थिति में पोँच  न छोड़ें ! उनकी तकलीफ के समय  মাল নন্ধতীনিন থী নীতাকে 34t अपनी पीठ न दिखायें! आज आप  पार्टशन के बीच, बिना हिले-डुले? सौभाग्यशाली हो सकते हैं पर कल तो अविश्वसनीय, असंभव और  यह अनिश्चित ही हे और कल चीजें बदल বীকষা নন নালা ঘা! शी सकती हैॅ ! कुछ भी बनाने के लिये  ওমক্কী মদন্স ম ৭ থা কি ব্ে भी लग सकता हे पर उसे पूरा जीवन  छिपकली , अपनी जगह से एक इंच तड़ने में एक पल भी नहीं लगता।  मी न हिली, वह कैसे जीवित रह प्रकृति ने हमारी अंगुलियों के बीच వాగౌ గై? भी इसीलिये दी है ताकि उसने यह देखने के लिये कि॰ शायद जगह  हम किसी दूसरे का हाथ थाम सके ! छिपकली अब तक क्या करती रही है  जब छिपकली कर सकती है, तो हम क्यों नहीूं? Qeep da Se जापान में घटी औरकसे नोजनाको जररत को पूर एक करता रही हे अपना काम रोक दिया।  सच्ची घटना है थोड़ी ही देर बाद पता नहीं कहा  7 छिपकली अपने मुह भें से ி गोजन दबाये उस फसी हुइ छिपकली = अपने मकान का नवीनीकरण  कोखिलाने केलिये ! उप्फ! यह दृश्य  करे केलिये एकजापानी नकानको उसके दिल को अंदर तक छू गया।  दीवारें कोतोड़ रहाथा। तमी उसने  अद्धुत ! दूसरीछिपकलीनेअपने  देखा कि दीवार के अंदरःकी तरफ साथी के बचने की उम्मीद नर्ही छोड़ी लकड़ी पर एक छिपकली , चाहर से थी॰ बह पहली छिपकली को पिछले  उसके पैर पर कील के कारण  ठका पोँच साल से भोजन करवा रही थी।  एक ही जगह पर जमा पड़ी हे।  [ಕಹಾಔಔ-ಪ್ವಾಪತಕ್" अजीब हे जब उसने यह दृश्व देखातो उसे  यह कर सकता हे दवा आई।जब उसने आगे जांच  560` प्राणी, जिसे बुद्धि नें सर्वश्रेष्ठ होने का  ಕಗೆ 'ಾ [೯೯೯ ಈಳ ri ತಗಹ್ आशोर्वाद मिला हुआ है॰ नहीं कर मकान बनते समव पांच साल पहले  ठोकी गई धी।  सकता ! कृपवा अपने प्रिय लोगों को कभी  छिपकली इस स्थिति में पोँच  न छोड़ें ! उनकी तकलीफ के समय  মাল নন্ধতীনিন থী নীতাকে 34t अपनी पीठ न दिखायें! आज आप  पार्टशन के बीच, बिना हिले-डुले? सौभाग्यशाली हो सकते हैं पर कल तो अविश्वसनीय, असंभव और  यह अनिश्चित ही हे और कल चीजें बदल বীকষা নন নালা ঘা! शी सकती हैॅ ! कुछ भी बनाने के लिये  ওমক্কী মদন্স ম ৭ থা কি ব্ে भी लग सकता हे पर उसे पूरा जीवन  छिपकली , अपनी जगह से एक इंच तड़ने में एक पल भी नहीं लगता।  मी न हिली, वह कैसे जीवित रह प्रकृति ने हमारी अंगुलियों के बीच వాగౌ గై? भी इसीलिये दी है ताकि उसने यह देखने के लिये कि॰ शायद जगह  हम किसी दूसरे का हाथ थाम सके ! छिपकली अब तक क्या करती रही है - ShareChat