ShareChat
click to see wallet page
search
जैनिजम ( JAIN) part 2 #☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - 6 64 जैन दिगम्बर संत अहिंसा,   संयम त्याग और करुणा के साक्षात ৯| प्रतीक उनका जीवन लोककल्याण , आत्मशुद्धि और नैतिक লিব के प्रसार के मूल्यों समर्पित रहता है। निरंतर विहार करते हुए वे समाज को सत्य शांति और सदाचार का मार्ग दिखाते हैं। ऐसे संतों की सुरक्षा  = समाज और राष्ट्र का दायित्व है। संतों सम्मान एवं संरक्षण हमारी आध्यात्मिक सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के समान है। ससंघ आचार्य श्री सुंदर सागर जैन समदाय के अनसार 6 64 जैन दिगम्बर संत अहिंसा,   संयम त्याग और करुणा के साक्षात ৯| प्रतीक उनका जीवन लोककल्याण , आत्मशुद्धि और नैतिक লিব के प्रसार के मूल्यों समर्पित रहता है। निरंतर विहार करते हुए वे समाज को सत्य शांति और सदाचार का मार्ग दिखाते हैं। ऐसे संतों की सुरक्षा  = समाज और राष्ट्र का दायित्व है। संतों सम्मान एवं संरक्षण हमारी आध्यात्मिक सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के समान है। ससंघ आचार्य श्री सुंदर सागर जैन समदाय के अनसार - ShareChat