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चौपाई राम चरित्र मानस #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "चौपाई" बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नानाII आनन रहित सकल रस भोगी| बिनु ' बानी बकता बड़ जोगी Il भावार्थः जो (परमात्मा) बिना पैरों के चलता है, बिना कानों के सुनता है बिना हाथों के नाना प्रकार के कर्म करता है मुख के बिना ही जगत के सारे रसों का आनंद लेता है, और बिना वाणी के सबसे सर्वश्रेष्ठ वक्ता है। हे पार्वती जिनका नाम मरते हुए : प्राणी भी मोक्ष प्राप्त लेकर कर लेते हैं, वह प्रभु रघुश्रेष्ठ और चराचर ৯ ৪ূনয जगत के स्वामी श्री राम सभी की बात जानने वाले हैं। (रामचरितमानस) Motivational Videos App Want . "चौपाई" बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नानाII आनन रहित सकल रस भोगी| बिनु ' बानी बकता बड़ जोगी Il भावार्थः जो (परमात्मा) बिना पैरों के चलता है, बिना कानों के सुनता है बिना हाथों के नाना प्रकार के कर्म करता है मुख के बिना ही जगत के सारे रसों का आनंद लेता है, और बिना वाणी के सबसे सर्वश्रेष्ठ वक्ता है। हे पार्वती जिनका नाम मरते हुए : प्राणी भी मोक्ष प्राप्त लेकर कर लेते हैं, वह प्रभु रघुश्रेष्ठ और चराचर ৯ ৪ূনয जगत के स्वामी श्री राम सभी की बात जानने वाले हैं। (रामचरितमानस) Motivational Videos App Want . - ShareChat