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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ८८ खुदा तू भी बड़ा कारीगर निकला , खींच दी दो  तीन ~ लकीरें हाथों में , और ये भोला उसे तक़दीर समझ बैठा आदमी अभ्युदय साहित्य गुलज़ार ೦ ८८ खुदा तू भी बड़ा कारीगर निकला , खींच दी दो  तीन ~ लकीरें हाथों में , और ये भोला उसे तक़दीर समझ बैठा आदमी अभ्युदय साहित्य गुलज़ार ೦ - ShareChat